करीब 3 घंटे तक दोनों को यातनाएं दी गईं। घटना की सूचना किसी ने विरेंद्र के जीजा को दी तो उसने पुलिस को जानकार दी। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी कार्यालय छोड़कर भाग गए। जीजा शुक्रवार को थाने में शिकायत लेकर गया, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। पीड़ितों के साथ कई अन्य लोग गए तो पुलिस ने उनकी शिकायत तो ली, लेकिन जांच करने के बाद ही रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही है।
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एक फ्लैट निवासी महिला ने वीरेंद्र से गैस एजेंसी के कर्मचारी का नंबर मांगा था। फैसिलिटी मैनेजर ने उसका नंबर दे दिया था। महिला ने बात की थी तो गैस एजेंसी के कर्मी ने महिला को अश्लील मेसेज करके उससे गंदी बात की थी। इसका आरोपी भी वीरेंद्र को ही माना जा रहा था।
सीओ तृतीय नोएडा, श्वेताभ पांडेय ने कहा कि बिल्डर के फैसिलिटी मैनेजर और उसके साथी पर सोसायटी की महिला को अश्लील मेसेज भेजने का आरोप है। इसके लेकर ही मारपीट हुई थी और दोनों को नौकरी से निकाल दिया गया है। ऐसे में ही इस तरह के आरोप लगा जा रहे हैं। अगर मुर्गा बनाकर पीटने का कोई मामला है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।