चुनाव प्रचार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक
चुनाव प्रचार सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ही किया जा सकेगा। प्रचार के दौरान प्रत्याशी के साथ अधिकतम चार छात्र रह सकेंगे। छपे हुए पोस्टर, पर्चे और अन्य प्रचार सामग्री के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। केवल हाथ से बनाए पोस्टर लगाए जा सकेंगे और उन्हें भी विश्वविद्यालय की ओर से तय जगहों पर ही लगाया जाएगा।
लाउडस्पीकर वाहनों और जानवरों के जरिए प्रचार नहीं किया जा सकेगा। मैस्कॉट किसी किरदार या पोशाक का इस्तेमाल भी प्रतिबंधित रहेगा। विश्वविद्यालय या कॉलेज की किसी संपत्ति, वेबसाइट अथवा फेसबुक पेज को नुकसान पहुंचाने पर संबंधित प्रत्याशी और उसके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मतदान केंद्र के पास प्रचार पर रोक
मतदाताओं को पैसे देना, डराना-धमकाना या किसी दूसरे छात्र के नाम पर वोट डालना प्रतिबंधित है। मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में प्रचार नहीं किया जा सकेगा। मतदान खत्म होने से 24 घंटे पहले सार्वजनिक बैठकें करने और मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने ले जाने के लिए वाहन उपलब्ध कराने पर भी रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशी की उम्मीदवारी या जीती हुई सीट रद्द की जा सकती है। उसके खिलाफ विश्वविद्यालय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
शिकायतों के लिए बनेगा प्रकोष्ठ
डूसू चुनाव के लिए शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसकी अध्यक्षता डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर करेंगे। प्रकोष्ठ में एक वरिष्ठ शिक्षक, एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और अंतिम वर्ष का एक छात्र व एक छात्रा को शामिल किया जाएगा। चुनाव से जुड़ी आपत्तिजनक घटनाओं की सूचना पुलिस को 12 घंटे के भीतर देने का प्रावधान भी किया गया है।
दिल्ली में डूसू चुनाव का शंखनाद हो चुका है। इस बार भी उम्मीदवारों को पांच हजार रुपये की खर्च सीमा में ही चुनाव लड़ना होगा। वहीं दूसरी तरफ तय सीमा से अधिक खर्च करने पर चुनाव रद्द किया जा सकता है।