केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए दिल्ली को 1168.01 करोड़ रुपये का बजट दिया है। इसमें 951 करोड़ रुपये केंद्रशासित प्रदेश को केंद्रीय सहायता और 200 करोड़ रुपये चंद्रावल जल शोधन संयंत्र के निर्माण के लिए मिलेंगे। पिछले वित्तीय वर्ष में भी केंद्र ने इतनी ही राशि का आवंटन किया था।
युवा व महिलाओं के लिए लाभकारी बजट : सचदेवा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बजट का स्वागत करते हुए इसे पीएम नरेंद्र मोदी के 2047 के विकसित भारत के दृष्टिकोण को पूरा करने वाला माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि एक दशक या उससे अधिक समय तक देश को सभी के लिए घर के एजेंडे पर काम करना होगा और जाहिर तौर पर इसे ध्यान में रखते हुए आवास योजना के लिए बजटीय प्रावधानों में वृद्धि की गई है। हालांकि, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बजट 2024-25 में आवास योजना निवेश में वृद्धि से दिल्ली के गरीबों को लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि केजरीवाल सरकार दिल्ली में केंद्रीय आवास योजनाओं को लागू करने की अनुमति नहीं दे रही है।
बजट में दिल्ली की हर मामले में अनदेखी : देवेंद्र
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने बजट में दिल्ली की हर मामले में अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बजट में दिल्ली की रक्षा, सुरक्षा, स्वच्छता, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और गरीबों के आशियाने के प्रति उदासीनता दिखाई गई है।
बजट देश की 95% जनसंख्या की उम्मीदों से दूर रहा और गरीबों से किए गए वादों पर विचार तक नहीं हुआ। बजट निराशाजनक और कुर्सी बचाने वाला है। जहां झुग्गी वहीं मकान देने का दावा और वादा करने वाली भाजपा ने पीएम आवास योजना के पिछले बजट से 22487 करोड़ रुपये सरेंडर कर दिए, जबकि दिल्ली में झुग्गीवालों को लगातार उजाड़ा जा रहा है। रेहड़ी पटरी वालों के बजट को 468 करोड़ रुपये से घटाकर 326 करोड़ रुपये कर दिया है। दिल्ली पुलिस के बजट में कटौती की गई है। महिलाओं के लिए मिशन शक्ति के बजट को सरकार ने खर्च नहीं किया। वहीं, राजधानी को विश्वस्तरीय शहर बनाने की सोच में बदलाव करके स्मार्ट सिटी मिशन के बजट में 70% की कटौती की गई है।
जनहितकारी बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा : विजेंद्र गुप्ता
दिल्ली विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष व विधायक विजेंद्र गुप्ता ने जनहितकारी बजट बताया है। उन्होंने कहा कि बजट जनहितैषी नीतियों का प्रतिबिंब है। यह सर्व समावेशी और सर्व स्पर्शी बजट है जिसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। तीन लाख रुपये तक की आय तक कोई टैक्स नहीं देने से जन साधारण को बड़ी राहत मिलेगी। शिक्षा और कौशल पर विशेष ध्यान देकर मोदी सरकार ने रोजगार जैसे ज्वलंत मुद्दे को शांत करने का तो प्रयास किया ही है। साथ ही, युवाओं को विकसित भारत में उनके योगदान का आह्वान भी किया है। पीएम आवास योजना के तहत तीन करोड़ अतिरिक्त मकान देने से करोड़ों गरीब परिवारों का अपने घर का सपना साकार हो सकेगा। यह बजट विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेगा। बजट में शिक्षा और कौशल पर ध्यान केंद्रित किया गया गया है। बजट गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के कल्याण पर जोर देकर प्रगति के चार स्तंभों के लिए अवसर पैदा करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
सरकार बचाओ-महंगाई बढ़ाओ वाला बजट : आप
आप ने केंद्रीय बजट को सरकार बचाओ-महंगाई बढ़ाओ वाला करार दिया है। आप सांसद संजय सिंह और पंजाब से सांसद मलविंदर सिंह कांग ने पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि बजट से देश के किसानों, महिलाओं, युवाओं, कर्मचारियों के हिस्से कुछ नहीं आया है, लेकिन टैक्स न बढ़ाकर कॉरपोरेट घरानों को राहत दी गई है। आप नेताओं ने कहा कि बजट किसानों को एमएसपी की गारंटी देने, अग्निवीर योजना को खत्म करने, ओल्ड पेंशन, पेट्रोल-डीजल समेत रोजमर्रा की चीजों पर टैक्स में छूट पर पूरी तरह खामोश है। दिल्ली में आप की सरकार है। इस वजह से दिल्ली को एक भी रुपया नहीं दिया गया।
विकसित भारत का रोडमैप : बिधूड़ी
दक्षिण दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि बजट विकसित भारत का रोडमैप है। 2047 में विकसित भारत के संकल्प और सपने को यह बजट पूरा करेगा। रक्षा के लिए सबसे ज्यादा धनराशि का प्रावधान भारत की संप्रभुता और आधुनिकता के इरादे को साफ प्रकट करता है। शहरी विकास से लेकर गांवों में किसानों के लिए विभिन्न योजनाओं की घोषणा की गई है।
एमएसएमई सेक्टर को मिलेगी मजबूती : खंडेलवाल
चांदनी चौक के सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि पेश बजट भारत के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज है। मुद्रा योजना की सीमा को 20 लाख रुपये तक बढ़ाना एक मील का पत्थर पहल है जो एमएसएमई क्षेत्र को काफी मजबूत करेगी। एमएसएमई क्षेत्र को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है, जिससे यह देश में अर्थव्यवस्था और व्यापार के क्षेत्र में सही मार्गदर्शन बनेगा।