प्रदेश सरकार की इस मांग को केंद्रीय मंत्री ने दरकिनार कर दिया। वहीं, जीएसटी लगाने के बाद दिल्ली को कुछ नहीं दिया। दूसरी तरफ गोपाल राय का कहना है कि दिल्ली की खराब कानून व्यवस्था को ठीक करने के लिये पुलिस बल का आधुनिकीकरण जरूरी है।
खास बात यह कि दिल्ली पुलिस सीधे केंद्र के ही अधीन आती है। बावजूद इसके बजट ने दिल्ली पुलिस को भी मायूस किया। दूसरी तरफ आप के राज्यसभा सांसद सदस्य एनडी गुप्ता ने बताया कि नौकरीपेशा वर्ग को 40 हजार की छूट तो दी गयी, लेकिन उसके उपर अलग से सेस बढ़ाकर और दूसरे चार्ज लगाकर पहले से ज्यादा बोझ डाल दिया गया है।
अगर हम टैक्स का हिसाब भी लगाएं तो हम पाएंगे कि पहले के मुकाबले ज्यादा ही बोझ एक सैलरी-क्लास मध्यमवर्गीय इंसान की जेब पर पडने वाला है।
पार्टी का कहना है कि कुल मिलाकर केंद्र सरकार का बजट देश की जनता के साथ एक धोखा है। इसमें खासतौर पर दिल्ली के लोगों के साथ तो सौतेला व्यवहार करते हुए एक नया पैसा या नई योजना नहीं दी गई है।