केंद्रीय बजट से रियल एस्टेट सेक्टर की सुस्ती दूर होने की उम्मीद बनी है। एनसीआर से जुड़े डेवलपर बताते हैं कि सस्ते आवासीय प्रोजेक्ट को बुनियादी ढांचे की हैसियत मिलने से फंड की किल्लत दूर होगी।
डेवलपर को आसानी से लंबे समय के लिए लोन मिलेगी। इसके अलावा हाउसिंग बैंक की लिमिट बढ़ाने से आम लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी। मांग और आपूर्ति बढ़ने से लोगों की आवास की जरूरतें पूरी होंगी।
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल का कहना है कि सस्ते मकानों को आधारभूत ढांचे की हैसियत मिलने से डेवलपर के लिए लोन लेना आसान होगा।
खास बात यह कि ऋण लंबे वक्त के लिए उपलब्ध रहेगा। फिर, बजट में नेशनल हाउसिंग बैंक का रिफाइनेंसिंग टारगेट बढ़ाने की घोषणा से मांग बढ़ेगी। इससे नए-नए आवासीय प्रोजेक्ट आएंगे।