भारतीय किसान यूनियन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के बजट में एक बार फिर किसानों की उपेक्षा हुई है। जबकि किसानों को बजट से काफी उम्मीद थी।
दिल्ली आए भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि बजट में आर्थिक सुधारों की बात कही गई है, जिससे किसानों को लाभ के बजाय नुकसान की संभावना है।
बजट में किसानों की फसलों का उचित लाभकारी मूल्य व खरीद की गारंटी का कोई प्रावधान नहीं है।
किसानों को आत्महत्या करने से रोकने व पीड़ित परिवारों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। किसानों का कर्ज माफ करने के संबंध में कोई ध्यान नहीं दिया गया।
इसी तरह किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज व दीर्घकालिक अवधि किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके अलावा किसान की आमदनी सुनिश्चित करने के लिए कोई योजना नहीं लाई गई।
जलवायु परिवर्तन से खेती का जोखिम कम करने की ओर भी ध्यान नहीं दिया गया। फसल बीमा योजना में किसान को इकाई माने जाने की कोई व्यवस्था नहीं है।