गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट पर सपा-बसपा गठबंधन के बाद बसपा ही प्रत्याशी उतारेगी, यह तय होते ही टिकट पाने वाले चक्कर मार रहे हैं। इसमें एक नई बात और सामने आई है कि एक मौजूदा सांसद ने अपने बेटे के लिए गौतमबुद्धनगर से टिकट मांगा है। बताया जा रहा है कि बसपा 24 फरवरी को प्रत्याशी की घोषणा कर सकती है।
दरअसल, एक साल पहले बसपा ने विरेंद्र डाढ़ा को गौतमबुद्धनगर से प्रभारी बनाकर टिकट देेने की घोषणा कर दी थी। डाढ़ा ने करीब एक साल तक चुनाव प्रचार किया, लेकिन पिछले माह अचानक उनको हाईकमान ने बुलाकर कहा कि आपका टिकट काट दिया गया है और 15 जनवरी को मायावती के जन्म दिन पर चीती निवासी संजय भाटी को सिर्फ प्रभारी बनाया गया और उसने कहा गया कि प्रत्याशी की घोषणा बाद में करेंगे, लेकिन चिटफंड जैसे आरोप लगने के बाद उनको चंद दिन में ही प्रभारी पद से ही हाथ धोना पड़ा। उधर, बताते हैं कि गुटबाजी के चलते बसपा नेताओं के पुतला फूंकने की घटना को पार्टी ने गंभीरता से लिया है, इसमें शीघ्र ही अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
बार-बार हो रहे बदलाव
पिछले दिनों दो बार से दादरी विधायक रह चुके सत्यवीर गुर्जर को लखनऊ में पार्टी हाईकमान ने बुलाकर कहा कि अगर आपको टिकट दिया जाए तो कैसे जीतोगे, उन्होंने आंकड़े और अन्य जानकारी देकर दावेदारी की थी। इसी बीच जेवर विधान सभा क्षेत्र से विधायक का चुनने लड़ने के लिए मौजूदा घोषित प्रभारी सत्यवीर नागर को भी लखनऊ में बुलाया गया। सत्यवीर की पैरवी स्थानीय व मेरठ मंडल संगठन ने की थी। हाईकमान ने कह दिया था कि जाओ तैयारी करो। सूत्र बताते हैं कि दो दिन पहले भी उन्हें बुलाया गया था और यह भी कह दिया गया कि 24 फरवरी को प्रत्याशी के रूप में घोषणा कर दी जाएगी।
दूसरे दल के नेता लाइन में
सूत्रों की मानें तोएक मौजूदा सांसद ने बसपा पार्टी हाईकमान से मिलकर टिकट मांगा था। दिल्ली से ताल्लुकात रखने वाले धनवान सांसद पहले बसपा में ही थे। पार्टी ने उनसे पूछा कि साथ क्यों छोड़ दिया था। उस दौरान वह वापस हो गए थे, लेकिन बताते हैं कि दिल्ली में एक दिन पहले उन्होंने पार्टी हाईकमान के पदाधिकारियों से मिलकर अपने बेटे के लिए टिकट मांगा है। इसके अलावा नोएडा के एक बड़े व्यापारी भी टिकट की दावेदारी कर चुके हैं, जिस पर पार्टी के नेता मंथन कर रहे हैं। बताते हैं कि बसपा ने जो टिकट देने के ‘मानक’ तैयार किए हैं, उसमें खरा उतरना सबके बस की बात नहीं है।