उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदूषण पड़ोसी राज्यों की सरकारें बढ़ा रही हैं। प्रतिबंध के बावजूद बीएस-4 की डीजल बसों को भेजा जा रहा है। उन्होंने सीएसई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि दिल्ली के स्रोतों का योगदान 30 प्रतिशत है और बाकी एनसीआर के जिलों का योगदान है। सरकार दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विंटर एक्शन प्लान बनाकर कर पुरजोर प्रयास कर रही है, लेकिन पड़ोसी राज्यों की सरकार यहां प्रदूषण बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि आनंद विहार में उत्तर प्रदेश से डीजल की बसें आ रही हैं, जिससे वहां प्रदूषण बढ़ रहा है। दिल्ली में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश से डीजल की बसें आ रही हैं।
परिवहन विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश : गोपाल राय
उन्होंने प्रतिबंध के बावजूद दिल्ली आ रहीं बसों की रोकथाम के लिए परिवहन विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग के 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई हैं। राय ने कहा कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के चलने पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही, बीएस-3 स्टैंडर्ड या इससे नीचे के दिल्ली रजिस्टर्ड डीजल मीडियम गुड्स व्हीकल (एमजीवी) दिल्ली में नहीं चल सकेंगे।
एनसीआर से आने वाली इंटरस्टेट सिर्फ इलेक्ट्रिक बसों, सीएनजी बसों और बीएस-6 डीजल बसों को आने की छूट दी गई है। अगर इसका कोई उल्लंघन करता है तो 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।