पुलिस के मुताबिक मासूम परिवार के साथ जेजे कालोनी,बवाना में रहती है। इसका पिता बवाना की एक फैक्टरी में काम करता है। वहीं जेजे कालोनी ई-ब्लॉक में मूलरूप से बिहार का रहने वाला जफीर आलम अपने बेटे के साथ रहता है।
सने घर के पास ही कुछ झुग्गियों में अपना मदरसा बनाया हुआ है। जफीर यहां छोटे बच्चों को पढ़ाता है। मासूम इसके मदरसे में पढने आती थी। गत शनिवार शाम को बच्चे इसके मदरसे में पढने आए थे।
आरोपी मौलवी ने सभी बच्चों की 7.00 बजे छुट्टी कर दी। इस बीच उसने मासूम को पांच रुपये देने की बात कर रोक लिया। बाद में आरोपी ने मदरसे का दरवाजा बंदकर वारदात को अंजाम दिया।
आरोपी ने मासूम को पांच रुपये देकर उसे किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी। मासूम सहमी हुई घर आ गई। उसने किसी को कुछ नहीं बताया।
इधर मासूम के धीरे-धीरे पेट में दर्द बढने लगा। शुरूआत में हल्का ब्लड आया, लेकिन मंगलवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और ब्लीडिंग ज्यादा होने लगी।
घबराए परिजन निजी डॉक्टर के पास ले गए तो उसने बताया कि मासूम के साथ दुष्कर्म हुआ है। मासूम से पूछने पर उसने सारी हकीकत बता दी।
मामले की सूचना पुलिस को दी गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। छानबीन के बाद पुलिस ने आरोपी मौलवी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अपना अपराध भी कबूल लिया है।
मासूम के साथ हुई हैवानियत की वारदात से उसकी मां का रोते-रोते बुरा हाल है। मां रोते हुए बता रही थी कि जिस मौलवी को मोहल्ले के सभी बच्चे दादा कहते थे, उसी ने उनकी बच्ची की अस्मत लूट ली।
इलाके सभी लोग मौलवी पर बहुत ऐतबार करते थे। जेजे कालोनी बवाना में ज्यादातर यूपी और बिहार के लोग रहते है जो आसपास की फैक्टरियों में काम करते हैं।
इन गरीब लोगों के बच्चे रुपयों के आभाव में इन मदरसों में पढने जाते हैं। घटना के बाद से इलाके के लोगों में खासा गुस्सा है। उनका कहना है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देना चाहिए।
बुरी तरह सहमी है मासूम...
घटना के बाद से मासूम बुरी तरह सहमी हुई है। थोड़ी सी भी आहट से वह एकदम चौक जाती है। हालांकि पुलिस ने मासूम की काउंसलिंग करा दी है।
परिजनों का कहना है कि दुष्कर्म की वारदात में मासूम के मन में बुरी तरह घर कर लिया है। घटना के बाद रविवार को मासूम बुरी तरह डरी हुई थी।
मां ने उससे पूछा भी था क्या हुआ तो उसने कुछ न होने की बात कर मां को टाल दिया। परिजनों का कहना है कि दो दिन उसने खाना भी ठीक से नहीं खाया। मंगलवार जब तबीयत बिगड़ी तो परिवार को वारदात का पता चला।