बुलंदशहर के बुढ़ानपुर कलां गांव में रविवार दोपहर जमीन बंटवारे को लेकर चल रही पंचायत में छोटे भाई ने बड़े भाई को गोलियों से भून दिया। गोली चलते ही पंचायत के लोग भाग खड़े हुए। मृतक के पुत्र और साले ने गन्ने के खेत में छिपकर अपनी जान बचाई। इस बीच आरोपी बाइक लेकर गांव से आराम से भाग निकला। पुलिस आरोपी को तलाश कर रही है।
कर्णवास मार्ग स्थित गांव बुढ़ानपुर कलां निवासी कृष्ण कुमार (35) को पिता डालचंद्र की जगह पर मृतक आश्रित कोटे में जल निगम दिल्ली में नौकरी मिली थी। मां आनंदी की भी करीब सात साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। तब से कृष्ण कुमार दिल्ली में परिवार को लेकर नौकरी कर रहा था। छोटा भाई पंकज भी दिल्ली स्थित एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है।
ग्रामीणों के अनुसार छोटा भाई इस बात से नाराज था कि भाई न तो छोटी बहन की शादी की और न उसकी शादी के बारे में कोई चिंता कर रहा है जबकि गांव की 12 बीघा जमीन पर भी वही कब्जा किए था। इसी बात को लेकर रविवार दोपहर गांव में पंचायत बुलाई गई थी। मकान के निकट ही शिव मंदिर पर हुई पंचायत में करीब 30-40 महिला-पुरुष जुटे थे।
पंचायत में बातचीत के दौरान पंकज को गुस्सा आया और उसने तमंचे से कृष्ण को एक के बाद एक तीन गोली मारकर हत्या कर दी। पहली गोली चलते ही पंचायत में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाकर भाग निकले। पंकज अपने भतीजे राज और राज के मामा जितेंद्र को भी मारने के लिए दौड़ा, लेकिन उन्होंने जंगल में छिपकर अपनी जान बचाई।
एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि जितेंद्र ने पंकज के खिलाफ अपने बहनोईऱ् की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। देर शाम मृतक कृष्ण की पत्नी दिल्ली से बच्चों को लेकर गांव सहित गांव पहुंची।