डीसीपी सेंट्रल नोएडा जोन शक्ति मोहन अवस्थी का कहना है कि डी पार्क के पास शुक्रवार को दरभंगा बिहार के मंजीत मिश्रा (29) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने परिजन की तहरीर पर केस दर्ज कर घटना का पर्दाफाश करने के लिए तीन टीम का गठन किया था। जांच के दौरान पाया कि मंजीत वर्तमान में वसुंधरा गाजियाबाद में परिवार के साथ रह रहे थे। वहीं पर उसका स्वयं का मकान था।
टीम ने घटनास्थल पर व उसके आसपास और मृतक के घर गाजियाबाद से नोएडा तक लगे लगभग 100 कैमरों की जांच की। जब मंजीत अपने घर अपनी कार से डाटा सेंटर के लिए निकला तो घर से ही एक बाइक पर दो अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसका पीछा किया था। डाटा सेंटर तिराहे के पास मौका मिलते ही दोनों व्यक्तियों ने मंजीत की कार में टक्कर मारी थी।
इसके बाद जब मंजीत कार से उतरता है तो आरोपी उससे बहस करने लगते हैं। फिर मंजीत के सिर में गोली मारकर फरार हो जाते हैं। लोकल इंटेलीजेंस व सर्विलांस की सहायता से आरोपी सचिन राठौर व उसके सहायक प्रवीण उर्फ तिलके को डाटा सेन्टर के पास से गिरफ्तार किया गया है। साजिश के मुताबिक दोनों शूटरों के लिए ओयो होटल, मोहन नगर गाजियाबाद में रुकने का इंतजाम किया गया था। दोनों को मंजीत की शक्ल दिखाई थी। दोनों शूटर 20 फरवरी को गाजियाबाद के होटल में रुके थे। फिर अगले दिन 21 फरवरी को दोनों ने मंजीत की रेकी की थी।
कार का पीछा करके डी-पार्क डाट सेंटर तिराहे पर साजिश के मुताबिक गाड़ी में टक्कर मारकर गिर गए। जैसे ही मंजीत आरोपियों के पास आया तो दोनों ने मंजीत की गोली मारकर हत्या कर दी थी और मौके से भाग गये थे। घटना का अनावरण करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। हत्याकांड में पत्नी, एक अन्य साले और ससुर की भूमिका की भी जांच की जा रही है।