सूरजकुंड में झील में डूबकर अभय भामरा की मौत की खबर मिलते ही उनके जीजा सुरजीत सिंह सूरजकुंड थाने पहुंचे। वहां हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई।
बताया गया है कि सुरजीत अभय की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके। दो लोगों की मौत से परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। अभय की पत्नी निशी और बहन स्वीटी रोते-रोते बार-बार बेहोश हो रही हैं।
जीजा रविवार सुबह वे जल्दी ही निकल गए थे। दोपहर करीब 12: 00 बजे एक युवती ने साले के एक झील में डूबने की खबर दी। इसके बाद जीजा मामले से संबंधित थाने में पहुंचे। वहां सदमे की वजह से उन्हें हार्ट अटैक आ गया। उन्हें नजदीकी के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिकनिक मनाने में हुई थी साले की मौत
पिकनिक के समय खाना बनाने का सामान लेकर जैसे ही ये लोग झील के पास पहुंचे बंदरों ने इन पर हमला कर दिया। इससे ये वहां से भाग गए। थोड़ी देर बाद वापस आए तो सारा सामान बिखरा था। इन्हें कुछ सामान झील में भी तैरता दिखा।
अभय सामान निकालने झील में गया और डूबने लगा। गौरव कुमार ने उसे बचाने की कोशिश की तो वह भी डूबने लगा। मनीष ने गौरव को अपनी जैकेट पकड़ाई और बाहर निकाला लेकिन ये अभय को नहीं बचा सके।
सूचना पर पुलिस व दमकल विभाग के कर्मियों ने गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला। अभय सिंह ने ‘बुलेटिया’ नामक एक ग्रुप बनाया हुआ है, जिसमें करीब 15 सदस्य हैं। सभी के पास बुलेट बाइक है। करीब एक माह पहले ही अभय ने न्यूज चैनल में एंकर की नौकरी ज्वाइन की थी।
'साजिश का शिकार हुए'
सूरजकुंड झील में डूबने से न्यूज एंकर अभय भामरा की मौत हो गई थी। लेकिन अभय के परिजन सूरजकुंड की घटना के हादसा मानने का तैयार नहीं है। उनका कहना था कि अभय साजिश का शिकार हुए। परिजनों ने मामले की जांच कराने की मांग की है।
रिश्तेदारों के मुताबिक अभय पत्नी और दो बच्चों के साथ ए-45, सुदर्शन पार्क, मोती नगर में रहते थे। इनके बेटे प्रद्युम्न ने इसी साल 12वीं पास की है। बेटी नेहर (12) छठीं कक्षा में पढ़ती है।
अभय के साथ उनके बड़े भाई सरबजीत सिंह भी रहते हैं। रिश्तेदार हरजीत ने बताया कि अभय अक्सर अपने बुलेटियन ग्रुप (बुलेट सवारों) के साथ घूमने के लिए जाते थे। इसमें उनके जीजा सुरजीत भी शामिल रहते थे।