जिला मथुरा के गोवर्धन में गांव माधुरी कुंड के रहने वाले धर्मेंद्र की शादी सन 2021 में जिला बुलंदशहर के खुर्जा में गांव गंवा के रामबाबू की बड़ी बेटी सोनम से हुई थी। धर्मेंद्र मजदूरी का काम करता था। शादी के बाद सोनम के एक बेटा भी है। पुलिस के मुताबिक सोनम की छोटी बहन मधु भी बहन की ससुराल आती जाती रहती थी। इस दौरान धर्मेंद्र और मधु का झुकाव एक दूसरे पर हो गया। जब यह बात परिवार के अन्य सदस्यों को पता लगी तो उन्होंने इस बात पर एतराज किया इसको लेकर झगड़ा भी रहने लगा।
बृहस्पतिवार को धर्मेंद्र मधु को लेकर ग्रेटर नोएडा चला आया। यहां पर कुलेसरा गांव में धर्मेंद्र के मामा रहते हैं। धर्मेंद्र और मधु के इस तरह आने पर जब रिश्तेदारों ने शरण नहीं दी तो दोनों हबीबपुर गांव पहुंचे और किराए का मकान तलाशने लगे।
इसी क्रम में वह शुक्रवार को हबीबपुर में बलराज के मकान पर पहुंचे। मकान मालिक बलराज ने बताया कि धर्मेंद्र और मधु को उसने पति पत्नी समझा। उनके पास कोई सामान नहीं था। दोनों ने कहा कि वह थोड़ी देर में सामन ले आएंगे और आधार कार्ड आदि भी दे देंगे। इसके बाद उन्हें कमरा दे दिया गया। शुक्रवार को रात 10 बजे पड़ोसियों ने देखा कि धर्मेंद्र कमरे के बाहर पड़ा है। कमरे के अंदर जाकर देखा तो मधु की हालत भी खराब थी। पास ही में विषाक्त पदार्थ की डिब्बी पड़ी थी।
घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। इसके बाद एंबुलेंस से दोनों को पास के नर्सिंग होम ले जाया गया। यहां पर धर्मेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि मधु को वेंटीलेटर पर रखा गया। इस दौरान मधु को होश आया तो उसने महिला पुलिस अधिकारी को बताया कि उन दोनों का रिश्ता समाज में स्वीकार नहीं है। इसीलिए दोनों ने अपनी जान देने का फैसला किया।
मधु ने अपने पिता का मोबाइल नंबर दिया। 10 मिनट बाद ही मधु ने भी दम तोड़ दिया। थाना ईकोटेक-3 के थाना प्रभारी ने बताया कि पूरी घटना की जानकारी परिजनों को दी। शनिवार की सुबह परिजन आ गए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस के मुताबिक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित में कोई शिकायत नहीं दी गई है।
मौत के लिए ही तलाश रहे थे किराए का ठिकाना
कुछ घंटे के किराएदारों के आत्महत्या किए जाने की इस घटना से मकान मालिक बलराज सहित उस मकान में रह रहे अन्य किराएदार हैरान हैं। उनका कहना है कि दोनों ने अपनी मौत के लिए ही किराए का ठिकाना तलाशा था जहां पर वह सुकून से मौत को गले लगा सकें।