दोपहर बाद 3.30 बजे का वक्त, धौला कुआं पर लॉकडाउन के छठे दिन रविवार को भी 40-50 लोग अपने घरों का रुख करने की तैयारी में दिखे। उत्तर प्रदेश के बहराईच, बरेली, सोनभद्र, मुरादाबाद सहित आसपास के शहरों के लिए गुरुग्राम, रेवाड़ी, कापसहेड़ा, पालम सहित आसपास के इलाकों से रवाना हो चुके थे। पलायन करने वालों में अधिकतर कामगार थे।
कुछ के पास पैसों की कमी तो कुछ ऐसे भी थे यह चिंता सता रही थी कि कोरोना संक्रमण का सिलसिला अगर जल्द नहीं रुका तो फैक्ट्रियां बंद होने पर खाने पीने के भी मोहताज हो जाएंगे। हालांकि रास्ते में पुलिस ने बैरिकेटिंग के पास रोककर वापस भेजने की कोशिश भी की, लेकिन अपने घरों को जाने के लिए चल चुके कदम थमते हुए नहीं दिखे।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र निवासी पिंटू, कामेश्वर, संतोष और जितेन्द्र गुरुग्राम स्थित रियल एस्टेट कंपनी में काम कर रहे थे। लेकिन लॉकडाउन के बाद काम बंद होने पर उन्हें खाने पीने की भी दिक्कत होने लगी। अमन ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे राजीव चौक से रवाना होने के बाद बस का इंतजार कर रहे थे। लेकिन बस नहीं मिली, इसलिए अब गाजियाबाद तक पैदल ही जाएंगे।
जांच के बाद ही जाने दिए जा रहे हैं वाहन
धौला कुआं पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मी गुरुग्राम की तरफ जाने वाले तमाम वाहनों की जांच के बाद ही आगे बढ़ने दे रहे थे। इस दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले कुछ लोगों का चालान भी किया गया। एक ट्रैफिक कर्मी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान चेकिंग में और सख्ती बरती जा रही है। जिन्हें जरूरी काम है, उन्हें ही आगे जाने दिया जा रहा है, वरना वापस भेज दिए जा रहे हैं।