किसान नेता रघुराज सिंह ने प्राधिकरण पर आरोप लगाया है कि ग्रीन जोन में बिल्डर समेत विभिन्न प्रोजेक्ट लाकर लोगों को फंसा दिया है। यही कारण है कि कोर्ट भी प्राधिकरण के खिलाफ निर्णय दे रहा है।
रघुराज ने बताया कि एनसीआर में दिल्ली के आसपास का ज्यादातर क्षेत्र ग्रीन जोन में आता है। यमुना, हिंडन समेत कई नदियां हैं, जिनके आसपास स्थाई निर्माण नहीं किया जा सकता है।
लेकिन, नोएडा से लेकर यमुना प्राधिकरण ने इसका पालन नहीं किया है। ज्यादातर एग्रीकल्चर जमीन को प्राधिकरण ने बेचा है। उन्होंने इसकी जांच की मांग की है।
रघुराज ने कहा कि प्राधिकरण किसानों से जमीन ले लेता है और उसको बिल्डर खरीद लेते हैं। निवेशकों को पूरी जानकारी नहीं होती है और वह अपने जीवनभर की कमाई लगा देते हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रेनो वेस्ट में इन दिनों निवेशकों पर संकट छाया हुआ है। कोर्ट ने हाल ही में पतवारी की जमीन को वापस करने के लिए कहा है।
प्राधिकरण कह रहा है कि शीघ्र ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा। पिछले सात सालों से जब कोई हल नहीं निकला है, तो अब इतनी जल्दी कैसे निकल आएगा।