नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ग्रेटर नोएडा के रास्ते गाजियाबाद तक की सीधी कनेक्टिविटी देने वाली नमो भारत रेल के डीपीआर को भारत सरकार ने आपत्तियों के साथ लौटा दिया है। गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार से नोएडा एयरपोर्ट के बीच के 72 किमी लंबे रूट और स्टेशन को लेकर फिर से विचार करने की सलाह भी दी गई है।
ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद और एयरपोर्ट तक प्रस्तावित कनेक्टिविटी को बड़ा झटका लगने के बाद अब राज्य सरकार ने इन आपत्तियों के निपटारे की जिम्मेदारी एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को सौंपी है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड केंद्र सरकार की सभी आपत्तियों के निपटारे के लिए इस परियोजना के सभी हिस्सेदारों से रायशुमारी करेगा। इसमें स्टेशन और रूट को लेकर भी सुझाव मांगे गए हैं।
दरअसल, जेवर में एशिया का सबसे बड़े एयरपोर्ट जल्द ही शुरू होने वाला है। नमो भारत ट्रेन को गाजियाबाद से एयरपोर्ट तक दौड़ाने के लिए 72.4 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड ट्रैक का खाका तैयार किया गया है। ट्रैक पर 22 स्टेशन के प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था। केंद्र सरकार की ओर से इस परियोजना के डीपीआर को आपत्तियों के साथ लौटाया गया है।
इसमें केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि 20 हजार 763 करोड़ रुपये की परियोजना में ज्यादा से ज्यादा पब्लिक को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाना चाहिए। राज्य सरकार की ओर से भेजे गए डीपीआर में पूरे 72 किमी ट्रैक को एलिवेटेड प्रस्तावित किया गया है। केंद्र ने इसमें कम आबादी वाले क्षेत्रों में भी एलिवेटेड ट्रैक पर और संभावनाएं तलाशने को कहा है। इससे इस परियोजना की लागत में भी कमी के आसार हैं।
नमो भारत के ट्रैक पर दूसरी ट्रेनों को जगह नहीं
गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट के बीच नमो भारत के ट्रैक पर किसी अन्य सार्वजनिक ट्रेन सेवा को जगह दिए जाने पर भी आपत्ति की गई है। इसमें मेट्रो सहित अन्य सेवाओं से लिंक करने पर सहमति बन सकती है। मगर, एक ट्रैक पर सेमी हाईस्पीड और धीमी रफ्तार की ट्रेन सेवाओं के संचालन की योजना पर भी आपत्ति की गई है। नॉलेज पार्क में मेट्रो को नमो भारत ट्रेन लिंक करेगी। सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा के नॉजेल पार्क-5 तक प्रस्तावित एक्वा लाइन को एयरपोर्ट तक जाने वाली नमो भारत ट्रेन के लिंक कराने की योजना है। ऐसे में इस कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड आपत्तियों का निस्तारण करेगा।
एक साथ होगा ट्रैक का निर्माण
पहले चरण में गाजियाबाद के सिद्धार्थ नगर से सेक्टर इकोटेक-6 तक 39.39 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनाने की योजना है। दूसरे चरण में सेक्टर इकोटेक-6 से एयरपोर्ट तक 32.90 किलोमीटर का ट्रैक बनना था। मगर अब पूरा ट्रैक एक साथ बनेगा। नमो भारत ट्रेन 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। वर्ष 2031 तक इस रूट पर 3.09 लाख यात्री होंगे, जबकि अगले कुछ वर्षों में सात लाख यात्री होने का अनुमान है। परियोजना को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार और यूपी सरकार का अंशदान 20-20 प्रतिशत होगा जबकि 60 फीसदी अंशदान की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) की होगी।
नमो भारत रेल के डीपीआर को भारत सरकार ने आपत्तियों के साथ लौटा दिया है। राज्य सरकार ने इन आपत्तियों के निपटारे की जिम्मेदारी एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को सौंपी है।
-शैलेंद्र भाटिया, ओएसडी, यमुना प्राधिकरण
फिल्म सिटी तक मोनो रेल की तैयारी
नोएडा एयरपोर्ट से फिल्म सिटी के बीच सार्वजनिक परिवहन कनेक्टविटी के लिए अब मोनो रेल की संभावना की तलाशी जा रही है। लाइट मेट्रो ट्रेन की फिजिबिलिटी रिपोर्ट नहीं मिलने के बाद सीमेंस कंपनी को मोनो रेल के डीपीआर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 14.6 किमी के रूट पर मोनो रेल फिल्म सिटी से एयरपोर्ट के बीच स्थित सेक्टर्स को भी कनेक्ट करेगी।
दरअसल, एयरपोर्ट से फिल्म सिटी के बीच लाइट मेट्रो ट्रेन को नमो भारत और मेट्रो के ट्रैक पर चलाने की योजना थी। मगर, एलआरटी की फिजिबिलिटी नहीं होने के कारण अब यमुना प्राधिकरण ने इस रूट के लिए मोनो रेल के प्रॉजेक्ट के लिए डीपीआर तैयार करने की योजना बनाई है। सीमेंस कंपनी दो महीने में डीपीआर तैयार करेगी।