दिल्ली से चाइनीज मोबाइल खरीदने की सोचने वाले को झटका लगने वाला है। क्योंकि दिल्ली में चाइनीज मोबइलों पर रोक लगने का खतरा मंडरा रहा है। दिल्ली सरकार के वैट (वैल्यू एडिट टैक्स) विभाग पिछले दो तीन दिनों में हजारों मोबाइल फोन जब्त भी कर लिए गए हैं।
दरअसल, चाइनीज मोबाइल विक्रेता लगातार दिल्ली में बिना बिल और वैट चुकाए व्यापार कर रहे थे। इसके लिए उन्हें कई बार चेताया गया, लेकिन उन्होंने वैट चुकाने की प्रक्रिया पूरी नहीं की। दिल्ली सरकार ने अब इस पर कार्रवाई काम मन बना लिया है और तेजी से मोबाइलों की धर-पकड़ शुरू कर दी है।
इसी क्रम क्रम में दिल्ली सरकार के वैट विभाग ने पिछले दो-तीन दिनों में चाइनीज मोबाइल भरे 10 से 15 ट्रकों को पकड़ा है, जो बिना वैट चुकाए दिल्ली की सीमा में प्रवेश कर रहे थे। इसी के साथ वैटरी वाले ट्रकों की धर-पकड़ भी तेज कर दी गई है। ये ट्रक भी बिना बिल व वैट चुकाए दिल्ली में आ रहे थे।
चाइनीज मोबाइल के खिलाफ अभी और तेज होगी कार्रवाई
दिल्ली में चाइनीज मोबाइल के खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई के अभी और तेज होने के आसार हैं। वैट विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक दिल्ली में करीब 100 करोड़ रुपये सालाना का व्यापार होता है। निमयतः इस पर व्यापारियों को 12 फीसदी वैट चुकाना होता है। लेकिन आमतौर व्यापारी इसे चुकाने में घालमेल करते हैं।
इस वजह से दिल्ली सरकार को हर साल करोड़ों रुपये का राजकोषीय घाटा झेलना पड़ता है। लेकिन अब सरकार इस घाटे से उबरने के लिए कड़े कदम उठाने के मूड में है। इसीलिए दिल्ली के सीमाई इलाकों में ऐसी मोबाइलों को लेकर आने वालों के लिए खास टीमें तैनात की गई हैं, जो खासतौर पर इसी तरह की सामग्रियों को लेकर आने वालों को पकड़ेंगे।
नेहरू प्लेस में क्यों नहीं मारते छापा?
जहां एक ओर वैट विभाग ने सीमाई में इलाके में निगाहबंदी बढ़ाकर चाइना मोबाइलों के प्रवेश पर खास नजर रखे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग पर मामले में मनमानी करने के भी आरोप लग रहे हैं।
दिल्ली के व्यापारियों के मुताबिक वैट विभाग सीमाई इलाकों में ट्रकों के प्रवेश पर मनमाने ढ़ग से वसूली कर रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि अगर वैट विभाग चाइना मोबाइलों के खरीद-बिक्री के असली स्थानों पर छापा क्यों नहीं मार नहीं है।
उनके अनुसार दिल्ली में सबसे अधिक नहरू प्लेस और गफ्फार मार्केट में चाइना मोबाइल बेचे जाते हैं। अगर वैट विभाग वहां छापा मारता है, तो असल में कोई फर्क पड़े। लेकिन विभाग जानबूझ कर दिल्ली के सीमाई इलाकों में ट्रकों पर छापे मार रहा है।