दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की नरेला क्षेत्र में 60 हजार फ्लैट बनाने की योजना है। डीडीए के मुताबिक मेट्रो कॉरिडोर, बवाना औद्योगिक क्षेत्र के कुछ हिस्से को छूता है, ऐसे में मेट्रो की पहुंच पूरे बवाना क्षेत्र में नहीं हो सकेगी। मेट्रो का रूट, डीडीए की लैंड पूलिंग के तहत विकसित होने वाले सेक्टरों से होकर गुजर रही है, जहां फ्लैटों का निर्माण किया जाना है। इस वजह से भविष्य में उस जमीन पर किसी तरह निर्माण संभव नहीं होगा।
इस संबंध में डीडीए ने डीएमआरसी को पत्र लिखकर मेट्रो के रूट में एलाइनमेंट करने के लिए कहा है ताकि बदलाव के साथ रिठाला- नरेला रूट को अमलीजामा पहनाया जा सके। इस रूट के लिए डीडीए की ओर से मेट्रो को एक हजार करोड़ रुपये भी किश्तों में देने की सिफारिश की गई है।
रिठाला-नरेला कॉरिडोर के लिए डीडीए सहित सभी हितधारकों से विमर्श के बाद अलाइनमेंट की गई थी। इस संबंध में डीडीए की मांग और सुझाव की समीक्षा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
- अनुज दयाल, कार्यकारी निदेशक (जनसंपर्क), डीएमआरसी