सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दो वर्ष पूर्व हुई नूंह हिंसा से सबक लेते हुए इस बार जिला प्रशासन यात्रा की तैयारियों में पिछले करीब एक माह से जुटा हुआ था, उसका प्रत्यक्ष रूप सोमवार को यात्रा के समय देखने को मिला। वहीं हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने चौकसी बरती और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देते हुए सावधानी से यात्रा को पूरा किया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस व आरएएफ के जवान तैनात रहे। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा तथा जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट पूरे समय मौके पर तैनात रहे।
जगह-जगह जोरदार स्वागत
इस यात्रा में हिंदू मुस्लिम भाईचारे की दमदार मिसाल देखने को मिली, जब स्थान-स्थान पर मुस्लिम जिम्मेदार लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। रेवासन में नौ गांवों के किसानों ने, घासेड़ा में सरपंच इमरान खान, पलवल टी-प्वाइंट पर जिला बार एसोसिएशन, सालाहेड़ी में मोहम्मद जैद, सलंबा में नदीम खान, सद्दीक नगर में तैयब हुसैन घासेड़िया, अड़बर चौक पर जेजेपी जिला प्रधान नासिर हुसैन, जोगीपुर मोड़ पर भाजपा नेता जाकिर हुसैन, मालब में डाक्टर शारिक हुसैन, खेड़ला मोड़ पर जाहिद हुसैन बाई समेत अनेक स्थानों पर यात्रा में शामिल हुए लोगों का फूल-मालाओं से स्वागत करते हुए उन्हें जलपान करवाया गया। यात्रा मार्ग पर करीब 60 से अधिक विभिन्न स्थानों पर सभी धर्मों के लोगों ने इस यात्रा का भव्य स्वागत कर भाईचारे का संदेश दिया।
बाजार रहा बंद
यात्रा के रूट में किसी प्रकार से यातायात अव्यवस्था पैदा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने अनेक स्थानों पर नाके लगाए हुए थे। गांवों के लोगों के लिए बाजार पहुंचना मुश्किल दिख रहा था, इसलिए बाजार के दुकानदारों ने भी बाजार बंद रखा, जिससे पूरा शहर सूना-सूना दिखा।
मंदिर तक पैदल गए श्रद्धालु
इस बार जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नल्हड़ मंदिर परिसर तक गाड़ियों को जाने से रोक दिया। इनके लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में पार्किंग बनाई गई, वहां से रोडवेज बसों के द्वारा तथा पैदल चलते हुए श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
मंदिरों की त्रिवेणी यात्रा और श्रद्धा का संगम
यात्रा की शुरुआत नूंह के नल्हड़ मंदिर से हुई जो नूंह से होती हुई फिरोजपुर झिरका पांडवकालीन ऐतिहासिक शिव मंदिर पहुंची उसके उपरांत वहां से पुन्हाना के शिव मंदिर पहुंची। तीनों स्थलों पर जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह 11 बजे से लेकर शाम 5:30 बजे तक यह यात्रा अनुशासित और श्रद्धा से ओतप्रोत रही।
प्रशासन की चौकसी, हर कदम पर तैनात थी सुरक्षा
यात्रा के लिए जिला प्रशासन ने चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की थी। 2500 से अधिक पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बल और ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। डीसी विश्राम कुमार मीणा और एसपी राजेश कुमार स्वयं मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। नल्हड़, झिर और सिंगार मंदिर के रास्तों को साफ-सुथरा किया गया, जहां पर स्वागत द्वार, पेयजल और प्रसाद की व्यवस्थाएं की गईं।
इंटरनेट सेवाएं रहीं बंद
किसी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल न हो, इसके लिए एहतियात बरतते हुए रविवार की रात नौ बजे से सोमवार की रात नौ बजे तक जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं। जिले की सभी शराब और मांस की दुकानें बंद रहीं, जिससे किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। मेवात के बड़कली चौक पर अखिल भारतीय अमन कमेटी नगीना ने बृजमंडल जलाभिषेक यात्रा का फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया। अखिल भारतीय अमन कमेटी नगीना के कार्यवाहक अध्यक्ष हाजी जान मोहम्मद, वरिष्ठ संरक्षक मोहम्मद खालिद मढ़ी, संरक्षक राजुद्दीन मेवाती घागस, सचिव मौलवी फारुख खान, सलाहकार वरिष्ठ अधिवक्ता सुबोध जैन, उपाध्यक्ष पूर्व सरपंच नानकचंद करहेड़ी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पूर्व मुख्याध्यापक बख्शी राम, सहसचिव हाजी अब्दुल अजीज ने गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पिंटू ने कहा कि बड़कली चौक पर अखिल भारतीय अमन कमेटी नगीना ने बृजमंडल जलाभिषेक का भव्य स्वागत करके दिखा दिया है कि मेवात की गंगा जमुनी तहजीब बेमिसाल रही है। कुछ शरारती तत्व माहौल खराब करते हैं उन पर ढूंढकर अंकुश लगाया जा चुका है।
ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा का देर शाम सिंगार गांव के श्री श्रंगेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना के साथ समापन हुआ। हजारों की संख्या मे आए श्रद्वालुओं ने सिंगार गांव के श्रंगेश्वर मंदिर में प्राचीन शिव लिंग पर जल चढ़ाया। यात्रा में शामिल श्रद्धालु शाम को तकरीबन 4 बजे करीब सिंगार गांव पंहुचने शुरू हुए जबकि यात्रा में मुख्य साधु संत व प्रमुख लोग शाम के 6 बजे के बाद सिंगार गांव मे पहुंचे।
जलाभिषेक यात्रा की झलकियां-
- नल्हड़ मंदिर में भंडारे का आयोजन
- श्रद्धालुओं की जलपान से की जा रही है सेवा
- चप्पल सेवा में भी जुटे रहे स्थानीय निवासी
- श्रद्धालुओं के लिए हर स्तर पर सभी सुविधाएं तैयार
- लाइन में लगकर श्रद्धालुओं ने चढ़ाया जल