तीनों मुकीम से सुपारी की रकम लेने आए थे। मोइन, मुकीम का दोस्त है। उसने ही शूटर, आशु व वसीम के साथ मिलकर 10 लाख रुपये की सुपारी ली थी। इनसे हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद हो गया है।
उस रात आशु ने भूरा को गोली मारी थी, जबकि वसीम बाइक पर था। बाइक दादरी निवासी राजेश प्लंबर की थी। राजेश भी भूरा के बेटे मुकीम का दोस्त है।
हत्या वाली रात वही परी चौक से दोनों शूटरों को अपनी बाइक पर बैठाकर भूरा की दुकान पर लाया था। वहां भूरा की पहचान कराने के बाद राजेश बाइक शूटरों को देकर, सवारी से वापस लौट आया था। इसके लिए राजेश को भी अलग से 50 हजार रुपये मिलने थे। राजेश फिलहाल फरार है।
फिजूलखर्ची के कारण पिता ने पिटाई भी की थी
पूछताछ में मुकीम ने बताया कि वह पिता के साथ कबाड़ की दुकान पर काम करता था। शाम को हिसाब करने के बाद उसके पिता उसे कुछ रुपये देते थे, जिससे उसके खर्चे पूरे नहीं होते थे।
मुकीम का दादरी में रहने वाली एक युवती से तीन-चार साल से प्रेम प्रसंग है। वह उससे शादी भी करना चाहता है। मुकीम प्रेमिका व दोस्तों पर दिल खोलकर खर्च करना और अय्याशी करना चाहता था।
मुकीम ने कई बार पिता से खर्च के रुपये बढ़ाकर देने को कहा, लेकिन भूरा ने उसकी बात नहीं सुनी। उल्टा भूरा ने फिजूलखर्ची करने पर कई बार उसकी पिटाई भी कर दी थी।
करीब डेढ़ माह पहले मुकीम ने पिता की हत्या कराने की ठानी। उसने ये बात दोस्त मोइन को बताई तो उसने शूटरों का इंतजाम कर हत्या करा दी।
पुलिस के अनुसार, भूरा के पास पासवर्ड और चाबी वाली एक तिजोरी है। भूरा के अलावा केवल मुकीम को उसका पासवर्ड पता है। मुकीम का अंदाजा था कि उस तिजोरी में 10-12 लाख से ज्यादा रुपये हैं।
हत्या के बाद मुकीम को इसी तिजोरी से रुपये निकालकर सुपारी की रकम देनी थी। पिता की मौत के बाद उसकी मां उसी कमरे में चार माह के इद्दत पर बैठ गई, जिसमें तिजोरी रखी है।
इस दौरान महिला को पूरे समय कमरे में ही रहना होता है और वह किसी व्यक्ति से मिलजुल नहीं सकती हैं। इस वजह से मुकीम अब तक सुपारी की रकम नहीं दे पाया था।
उसने हत्या वाले दिन शूटरों को खर्च के तौर पर 700 रुपये दिए थे। सुपारी की रकम हत्या के बाद देनी थी। हत्या के बाद तिजोरी से रुपये न मिल पाने पर मुकीम को पिता की हत्या कराने का अफसोस होने लगा था।
अय्याशी में डुबा दी थी अपनी दुकान
भूरा ने बेटे का बिजनेस जमाने के लिए करीब डेढ़ साल पहले बरौला में उसकी पार्ट्स की दुकान खुलवाई थी। मुकीम ने अय्याशी के चक्कर में उस दुकान को डुबा दिया। इसके बाद भूरा ने उसकी दुकान बंद करा, उसे अपने साथ काम पर लगा लिया था।