डॉक्टरों ने समीर के पेट में एक नली जोड़ दी थी, जिससे वह केवल जूस या दूध जैसे तरलीय पदार्थ ही ले पा रहा था। बीते 27 फरवरी को 24 किग्रा वजन होने के बाद उसका ऑपरेशन किया।
इस तरह किया दुर्लभ ऑपरेशन आरएमएल अस्पताल के पीडीयाट्रीक विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पिनाकी रंजन देवनाथ ने बताया कि 27 फरवरी को हुए ऑपरेशन में समीर के पेट के एक हिस्से को काटकर आहार नाल बनाया गया।
इसे गर्दन तक लाकर जोड़ दिया गया। इसमें करीब छह घंटे का समय लगा। जिसमें डॉ. पिनाकी के नेतृत्व में डॉ. अतुल, डॉ. शालू और डॉ. विजय के अलावा पीडीयाट्रीक सर्जरी विभाग के कई रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी हिस्सा लिया।
डॉ. पिनाकी की मानें तो करीब दो महीने बाद समीर की एक और सर्जरी होगी। जिसमें आहार नाल को मुंह के नली से जोड़ा जाएगा। डॉक्टरों के अनुसार इस तरह के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। उनके पास अभी पांच बच्चे वेटिंग में है, जिनको उपचार देना जरूरी है।