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पानी समझकर पिया कार क्लीनर तो जल गई पूरी फूड पाइप, दुर्लभ ऑपेशन में बची जान

Fri, 23 Mar 2018 04:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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समीर - फोटो : अमर उजाला
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अक्सर दुकानों और घरों में एक सामान्य पानी की बोतल में फर्श या टॉयलेट क्लीनर दिखाई दे जाता है, लेकिन इसके रखरखाव को लेकर जरा सी लापरवाही जीवन भर का दुख दे सकती है। जिसका ताजा उदाहरण है हरियाणा के मेवात जिले के नूंह का।

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यहां एक स्कूल में कक्षा तीन के छात्र समीर ने स्कूल से घर आते ही फ्रिज पर रखी बोतल में कार क्लीनर को पानी समझ पी लिया। महज एक घूंट अंदर जाते ही समीर को खून की उल्टी होने लगीं।
 

बाद में पता चला कि क्लीनर से उसकी आहार नलिका पूरी तरह नष्ट हो गई। जिसके बाद नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने करीब साल भर तक समीर का उपचार करने के बाद दुर्लभ ऑपरेशन किया।

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चूंकि आहार नलिका नष्ट होने से समीर न कुछ खा सकता था न पी सकता था। जिसकी वजह से उसका वजन घटकर 13 किग्रा हो चुका था। इसलिए आरएमएल में डॉक्टरों को ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।

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ऐसे हुआ ऑपरेशन

समीर - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टरों ने समीर के पेट में एक नली जोड़ दी थी, जिससे वह केवल जूस या दूध जैसे तरलीय पदार्थ ही ले पा रहा था। बीते 27 फरवरी को 24 किग्रा वजन होने के बाद उसका ऑपरेशन किया।

इस तरह किया दुर्लभ ऑपरेशन आरएमएल अस्पताल के पीडीयाट्रीक विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पिनाकी रंजन देवनाथ ने बताया कि 27 फरवरी को हुए ऑपरेशन में समीर के पेट के एक हिस्से को काटकर आहार नाल बनाया गया।

इसे गर्दन तक लाकर जोड़ दिया गया। इसमें करीब छह घंटे का समय लगा। जिसमें डॉ. पिनाकी के नेतृत्व में डॉ. अतुल, डॉ. शालू और डॉ. विजय के अलावा पीडीयाट्रीक सर्जरी विभाग के कई रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी हिस्सा लिया।

डॉ. पिनाकी की मानें तो करीब दो महीने बाद समीर की एक और सर्जरी होगी। जिसमें आहार नाल को मुंह के नली से जोड़ा जाएगा।  डॉक्टरों के अनुसार इस तरह के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। उनके पास अभी पांच बच्चे वेटिंग में है, जिनको उपचार देना जरूरी है।
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