फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेएनयू हिंसा : पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे स्टिंग में दिखे दोनों संदिग्ध, एसआईटी ने भेजा था नोटिस

Sun, 12 Jan 2020 10:51 PM IST
अवधेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
delhi police jnu violence - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पुलिस ने एक टीवी स्टिंग में सामने आए संदिग्धों को शनिवार को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था, मगर दोनों ही नहीं पहुंचे। एसआईटी के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल पर हुई बातचीत में इन दोनों ही संदिग्धों ने पूछताछ में शामिल होने की बात कही थी। 
विज्ञापन


दूसरी और, एसआईटी ने छात्रों से अपील की है कि वे पूछताछ में शामिल हों। अगर छात्राएं चाहेंगी कि पुलिस उनके हॉस्टल में पूछताछ करे तो ऐसा ही होगा। छात्राओं को प्रशासनिक ब्लाक में स्थित एसआईटी के कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। 

एक निजी टीवी चैनल के स्टिंग में दो संदिग्धों रोहित व अक्षत अवस्थी के नाम सामने आए थे। इसके बाद एसआईटी ने इनको शनिवार को पूछताछ के लिए बुलाया था। दोनों आरोपियों को नोटिस दिया गया था। दोनों ही जांच में शामिल होने को तैयार हो गए थे। 
विज्ञापन


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों से जेएनयू कैंपस में हुई हिंसा के बारे में पूछा जाएगा। शनिवार को जिन 37 लोगों की पहचान हुई है, उनको भी पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा गया है।
विज्ञापन

वीडियो बनाने पर की थी दो प्रोफेसरों की पिटाई

जेएनयू हिंसा की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि हिंसा के दौरान दो प्रोफेसरों की इसलिए पिटाई की गई थी कि वे बवाल का वीडियो बना रहे थे। अब ये प्रोफेसर इस कदर डरे हुए हैं कि कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। एसआईटी की पूछताछ में इन प्रोफेसरों ने केवल इतना माना है कि ये लोग कैंपस से बाहर के थे। इससे आगे वे कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं।

अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जेएनयू हिंसा के समय पेरियर हॉस्टल के पास एक प्रोफेसर साइकिलिंग कर रहे थे। उन्होंने कुछ नकाबपोशों को हंगामा करते देखा तो अपने मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। नकाबपोशों ने प्रोफेसर को वीडियो बनाते हुए देख लिया था। वे प्रोफेसर के पास गए और उनको घेर लिया। 

आरोपियों ने प्रोफेसर से उनका मोबाइल छीन लिया और हंगामे के बनाए गए वीडियो को डिलीट कर दिया। आरोप है कि नकाबपोशों ने प्रोफेसर के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की भी की। ऐसे ही एक और प्रोफेसर के साथ नकाबपोशों ने हाथापाई व धक्का-मुक्की की। उनका मानना है कि नकाबपोेश जेएनयू के छात्र होते तो उनसे मारपीट नहीं करते।

दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने व्हाट्स ऐप को पत्र लिखकर काफी मोबाइल फोन की डिटेल मांगी है। इनमें से ज्यादातर फोन ऐसे हैं, जो किसी व्हाट्स ऐप ग्रुप से जुड़े थे या उन्होंने ग्रुप बना रखा था। पुलिस ने इन ग्रुप से जुड़े मोबाइल नंबरों की भी डिटेल मांगी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें