पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद चाचा चौक निवासी राम कुमार, जीवन नगर, पार्ट दो निवासी दिनेश और ओल्ड फरीदाबाद निवासी इरफान भागने लगे। पुलिस ने तीनों को धर दबोचा। पुलिस ने गोदाम की तलाशी ली तो मौके पर कट्टों में भरे हुए कारतूस मिले। इतनी भारी मात्रा में कारतूसों का जखीरा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। जांच के दौरान पुलिस को बम के खोल भी मिले। इसकी सूचना पुलिस ने अपने उच्च अधिकारियों को दी।
देश की सीमा पर इस समय चल रहे तनाव को देखते हुए पुलिस अधिकारी भी हरकत में आ गए। भारी मात्रा में कारतूस और बम के खोल मिलने की जानकारी रात को ही सेना और आईबी के अधिकारियों को दिल्ली में दी गई। आईबी की टीम रात को ही इसकी जानकारी लेने के लिए क्राइम ब्रांच के स्टाफ में पहुंच गई थी।
डीसीपी सिंह ने बताया कि कारतूसों में एके 47, इंसास, एसएलआर, 9 एमएम पिस्टल, 38 बोर सहित कई अन्य हथियारों की गोलियां थी। इनकी संख्या 1700 से अधिक है। डीसीपी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी दिल्ली स्थित किसी कबाड़ी से यह कारतूस खरीदकर लाते थे और उसमें से पीतल अलग कर उसे बेचते थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मुजेसर थाने में विस्फोटक अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।