बॉलीवुड के सुपर स्टार मनोज वाजपेयी का जन्म भले ही दिल्ली में न हुआ हो, लेकिन उन्हें दिल्ली खूब रास आती है। इन्होंने अपना सबसे अधिक समय यहां व्यतीत किया है। इनका कहना है कि दिल्ली को मैं घर जैसा महसूस करता हूं।
इन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद, इन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में पढ़ाई की। मनोज का कहना है कि दिल्ली ने मुझे रचनात्मक और भावनात्मक रूप से शिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।" उन्होंने आगे कहा, "मेरा परिवार अब यहां रहता है। इसलिए यहां अच्छा समय बीतता है। मैं जब भी यहां आता हूं तो हमेशा मंडी हाउस जाने की कोशिश करता हूं। दिल्ली सब जगह से सबसे अलग है, लेकिन मैं यहां रहने से खुश हूं।"
इससे पहले मनोज वाजपेयी दिल्ली में फिल्म बुद्धिया सिंह: बोर्न टू रन ऑन द स्माइल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल फॉर चिल्ड्रेन एंड यूथ (एसआईएफएफसीवाई) की स्क्रीनिंग के लिए उपस्थित थे। इस फिल्म के रिलीज होने पर उन्होंने बताया था कि इस फिल्म की सबसे अच्छी प्रतिक्रिया मेरी साढ़े 5 साल की बेटी ने दिया था। वह जब थिएटर से बाहर आई तो चारों तरफ लगी दौड़ने और कहा देखों मैं बुद्धिया हूं।
यह फिल्म का असर था जो बच्चे भी इससे खुद को रिलेट करते है। इस तरह की फिल्म बच्चों को प्रेरित करती हैं, जैसा हम चाहते हैं। अगर ये बच्चा कर सकता है तो इसे हर कोई कर सकता है।