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वो जट यमला पगला दीवाना, अब सिर्फ यादों में..: ही-मैन ने सिनेमा जगत को किया अलविदा, लोगों ने दी श्रद्धांजलि

Tue, 25 Nov 2025 04:19 AM IST
विजय पुंडीर ज्योति सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

धर्मेंद्र चले गए, पर वे किस्से, वो हंसी, वो दोस्ती और वो इंसानियत जो उन्होंने हर साथी कलाकार के दिल में बोई, आज भी उतनी ही जीवित है। उनकी याद में आज इंडस्ट्री के लोग नहीं रो रहे, बल्कि अपना एक हिस्सा खो जाने का दर्द महसूस कर रहे हैं।
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धर्मेंद्र - फोटो : X
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विस्तार
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फिर तो मस्त हवाओं के हम झोके बन जाएंगे... नैना सुन्दर सपनों के झरोखे बन जाएंगे..। यह गीत जब धर्म पाजी पर फिल्माया गया और उन्होंने जिस खूबसूरती से इसे गुनगुनाया था। तब किसी के जहन में यह ख्याल भी नहीं आया होगा, कि सच में वो कभी फिल्मी दुनिया के लिए हवाओं के झोके बन जाएंगे और उनके चाहने वालों की आंखों में वे सुंदर सपनों के झरोखे रह जाएंगे।

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हिंदी सिनेमा का दिल आज धड़कना भूल गया। परदे पर मुस्कुराता हुआ, पगड़ी बांधकर गाड़ी दौड़ाता, शायराना अंदाज में इश्क का इजहार करता, वो पंजाब का सादगीभरा हीरो धर्मेंद्र, अब सिर्फ हमारी यादों में रह गया है। उनके जाने का मतलब सिर्फ एक महान अभिनेता का खो जाना नहीं, बल्कि एक ऐसी रोशनी का बुझ जाना है जो छह दशकों तक इंडस्ट्री की गलियों, स्टूडियो के कमरों और करोड़ों दिलों को गर्माहट देती रही। धर्मेंद्र चले गए, पर वे किस्से, वो हंसी, वो दोस्ती और वो इंसानियत जो उन्होंने हर साथी कलाकार के दिल में बोई, आज भी उतनी ही जीवित है। उनकी याद में आज इंडस्ट्री के लोग नहीं रो रहे, बल्कि अपना एक हिस्सा खो जाने का दर्द महसूस कर रहे हैं।

'ऐसे महान व्यक्तित्व को मेरा प्रणाम'
आज हमारी इंडस्ट्री के लिए बहुत दुखद दिन है। आज हमारे सबके प्यारे, चहेते, गार्जियन, हमारे सिनेमा के एक महान कलाकार और वेस्टर्न सिनेमा के ही-मैन हमें छोड़कर चले गए। देओल परिवार ने धर्मेंद्र के नेतृत्व में सिनेमा को जो दिया है, उसे इंडस्ट्री हमेशा याद रखेगी। ऐसे महान व्यक्तित्व को मेरा प्रणाम। फिल्म डायरेक्टर दुष्यंत कहते हैं कि धर्म जी के साथ सेट पर काम करना किसी फिल्म स्कूल से कम नहीं। वे हर सीन को उतनी ही ईमानदारी से करते थे, जितनी ईमानदारी से वे लोगों से मिलते थे। कैमरे के सामने वह स्टार थे, कैमरे के पीछे एक बेहद सरल इंसान। - दुष्यंत प्रताप सिंह, फिल्म डायरेक्टर

'एक युग समाप्त हो गया'
बॉलीवुड का देसी अभिनेता। एक ऐसा सुपरस्टार जो आम इंसान की तरह जिया। जो कल, आज और हमेशा सबका प्रिय रहेगा। धर्मेंद्र के जाने से सिर्फ एक व्यक्ति नहीं गया, एक युग समाप्त हो गया। -वर्षा गोयल, कलाकार

'मैं सौभाग्यशाली हूं कि उनके साथ ग्रीन रूम शेयर करने का मौका मिला'
द ग्रेट ही-मैन, हमारे प्यारे धर्म धर्मजी, हमारे बीच नहीं रहे। मुझे यकीन नहीं हो रहा। मैं चाहता हूं कि यह खबर एक बार फिर झूठी निकले और वे हमारी दुआओं में शामिल हो जाएं। उनका काम हमें हमेशा प्रेरित करता है। मैं सौभाग्यशाली हूं कि उनके साथ ग्रीन रूम शेयर करने का मौका मिला। जब भी कभी उन्हीं का गाना उनके सामने गुन-गुनाओ तो वे बच्चों की तरह खिल उठते और साथ में गुनगुनाते। सुनील पाल उनका गाना गुनगनाते हुए कहते हैं, कि काश धर्म जी फिर यह गाना गुनगनाते हुए वापिस आ जाए ‘मैं तुझे छोड़ के कहां जाऊंगा मेरे भोले सनम तेरे सर की कसम, जाके जल्दी ही मैं लौट आऊंगा। - सुनील पाल, कॉमेडियन
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'धर्म जी, आप हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगे'
धर्म जी आज हमारे बीच नहीं रहे। वह वाकई अपने में बहुत उम्दा इंसान थे। इतने नेकदिल, इतने सहज कि उनकी सहजता उनके संवादों में दिखती थी। उनके अभिनय में उनकी सादगी झलकती थी। धर्म जी, आप हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगे। आप सिर्फ अभिनेता नहीं, एक भावना थे, जो कभी नहीं मिटेगी। -राजकुमार कनौजिया, कॉमेडियन
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