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ब्यॉज लॉकर रूम: हाईकोर्ट ने केंद्र को दिया जवाब देने का आखिरी मौका, 16 सितंबर को होगी अगली सुनवाई 

Tue, 14 Jul 2020 09:16 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : ANI
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हाईकोर्ट ने ब्यॉज लॉकर रूम जैसे ग्रुप सोशल मीडिया पर न बने यह मांग करने वाली याचिका पर जवाब देने के लिए केंद्र सरकार को मंगलवार को आखिरी मौका दिया। यह याचिका बच्चों की रक्षा व सुरक्षा का हवाला देते हुए केंद्र सरकार को यह निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका पर अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी। 

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न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ तथा न्यायमूर्ति आशा मेनन की खंडपीठ ने इस याचिका पर जवाब देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय, आईटी व वित्त मंत्रालय को जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। हाईकोर्ट ने गूगल व ट्विटर से जवाब मांगा है जबकि फेसबुक पहले ही अपना जवाब दाखिल कर चुका है। 

खंडपीठ ने कहा कि अगर चार सप्ताह में प्रतिवादी जवाब दाखिल नहीं करते तो इसके बाद कोई मौका नहीं दिया जाएगा। यह निर्देश हाईकोर्ट ने संघ विचारक केएन गोविंदाचार्य के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिया है। उन्होंने ब्यॉज लॉकर रूप जैसे ग्रुपों का मुद्दा उठाया है। कोर्ट ने इससे पहले मई में केंद्र व सोशल मीडिया प्लेटफार्म से जवाब मांगा था। 
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याची के वकील विराग गुप्ता ने कहा था कि नकारात्मकता, फर्जी खबरों तथा अवैध सामग्री के कारण कई मासूम जिंदगियां तबाह हो रही है। ब्यॉज लॉकर रूम जैसे ग्रुप अवैध व आपराधिक प्रकृति है और उन्हें अभिव्यक्ति व रचनात्मकता के आधार पर कोई छूट नहीं दी जानी चाहिए। इंस्टाग्राम पर सामने आया ब्यॉज लॉकर रूप मामला सोशल मीडिया का सबसे बदसूरत उदाहरण है। 

संघ विचारक गोविंदाचार्य ने अपनी याचिका में दावा कि सोशल मीडिया पर चल रहे ब्यॉज लॉकर रूम जैसे ग्रुप अश्लीलता, हिंसा, रेव पार्टी व अन्य अवैध तथा आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं। यह ग्रुप सोशल मीडिया कंपनियों की गाइडलाइन का भी उल्लंघन करते हैं। लॉकडाउन में ऑनलाइन का चलन बढ़ा है और 13 साल से छोटे बच्चे भी इससे जुड़ चुके हैं। इन बच्चों को सुरक्षित साइबर स्पेस उपलब्ध कराना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

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