कोरोना से मौत के संदेह पर एक युवक का शव लगभग साढ़े दस घंटे तक घर के बाहर पड़ा रहा। एंबुलेंस के लिए सीएम, डिप्टी सीएम के दफ्तर और उत्तरी जिले के डीएम व एसडीएम को फोन किया गया। बावजूद करीब 10 घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची।
यह कहना है बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस के अधिकारियों का। समयपुर बादली थाना पुलिस ने युवक के शव को अंबेडकर अस्पताल में रखवा दिया है।। कोरोना टेस्ट के लिए युवक के शव से शनिवार को सैंपल लिया गया। तीन दिन बाद रिपोर्ट आएगी। तब तक युवक का शव अस्पताल में ही रहेगा।
बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस के अधिकारियों के अनुसार यादव नगर, समयपुर बादली में रहने वाला इकबाल (22) गैस चूल्हा बनाने वाली कंपनी में काम करता था। उसकी पत्नी कुछ माह पहले अपने गांव चली गई थी।
इकबाल को बीते कुछ दिनों से गले में परेशानी थी। शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई। रिश्तेदार जब शव को कब्रिस्तान ले जाने लगे तो पड़ोसियों ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दे दी। पड़ोसियों ने संदेह जताया कि इकबाल की मौत कोरोना से हुई है।
समयपुर बादली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एंबुलेंस के लिए शुक्रवार सुबह 9.52 बजे कॉल किया। काफी देर तक एंबुलेंस नहीं आई तो पुलिस अधिकारियों ने उत्तरी जिले के डीएम से तीन बार बात की। एसडीएम से लगातार बात होती रही।
मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री कार्यालय में किसी ने फोन नहीं उठाया। स्वास्थ्य मंत्री ने भी अपना फोन नहीं उठाया। शुक्रवार रात करीब 8.30 बजे एंबुलेंस मौके पर पहुंची। तब जाकर इकबाल के शव को अंबेडकर अस्पताल में रखवा गया। शनिवार सुबह कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया। समयपुर बादली थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।