मासूम छोटू की हत्या के बाद से उसके परिजनों में खासा रोष है। पुलिस की कार्रवाई में देरी से नाराज होकर उन्होंने शनिवार दोपहर बाद करावल नगर थाने के बाहर प्रदर्शन किया और सड़क पर जाम लगा दिया। लोगों का कहना था कि पहले ही दिन आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया था। पुलिस ने रुपये लेकर आरोपी को छोड़ दिया। भीड़ को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहुंच गए। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों का हटाने का प्रयास किया तो वे उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव कर दिया। कई पुलिसकर्मी पत्थरबाजी में जख्मी हो गए। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को हटाया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, ड्यूटी के दौरान हमला करने का मामला दर्ज कर लिया गया है।
मोमोज खिलाने के बहाने से मासूम को बुलाया
पूछताछ में नन्हे ने बताया है कि उसे पता था कि छोटू मोबाइल में गेम खेलने का शौकीन था। उसने मासूम को मोबाइल में गेम और मोमोज खिलाने का झांसा दिया। नन्हे ने उसे मोमोज और रोल भी खिलाया। बाद में वह उसे बहला-फुसलाकर नाले के पास ले गया। वहां मासूम की गला घोंटकर हत्या कर शव को एक बोरे में डाला और नाले में फेंक दिया। बाद में वह घर लौट गया।
परिवार से मोटी रकम वसूलना चाहता था
टाइल लगाने वाला नन्हे छोटू के पिता से मोटी रकम वसूलना चाहता था। इसके लिए उसने राज खुलने के डर से पहले छोटू की हत्या की योजना बनाई। अगवा करने के एक घंटे के भीतर ही नन्हे ने उसे मार दिया। बाद में शव को भी ठिकाने लगा दिया। डर की वजह से वह फिरौती की रकम नहीं वसूल सका। इसके बाद आरोपी ने सोचा कि वह परिवार को मासूम की जानकारी होने की बात कर भी रकम वसूल सकता है।
परिवार की शिकायत के बाद पहले ही दिन अपहरण का मामला दर्ज कर छानबीन की गई थी। पुलिस लगातार परिवार के संपर्क में थी। आसपास के सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली गई थी, लेकिन छोटू का पता नहीं लग रहा था। शुक्रवार को उसकी लाश मिलने के बाद हत्याकांड का राज खुला। पुलिस ने हत्या और सबूत मिटाने का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
- अतुल कुमार ठाकुर, जिला पुलिस उपायुक्त