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तिहाड़ में हत्या से पहले फोड़ी थी कैदी की आंखें

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तिहाड़ के हाई सिक्योरिटी सेल में बंद विचाराधीन कैदी की उसी वार्ड में बंद दूसरे कैदियों ने हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी कैदियों ने हत्या से पहले उसकी दोनों आंखें फोड़ दी।
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आरोपियों के खिलाफ स्थानीय पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, दिल्ली सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के भी आदेश दिए गए हैं।

तिहाड़ जेल डीआईजी मुकेश प्रसाद ने बताया कि जेल संख्या 8/9 के बैरक चार के वार्ड संख्या पांच के हाई सिक्योरिटी सेल में बंद विचाराधीन कैदी दीपक (29) की हत्या उसी वार्ड में बंद सतपाल सिंह, रियाज, सूरज और मनप्रीत ने कर दी।

लोहे की चौखट उखाड़कर बनाए थे हथियार

सोमवार रात के करीब 10 बजे चारों कैदियों ने लोहे की रॉड और कुछ दूसरी नुकीले हथियार से दीपक पर हमला बोल दिया। बताया जाता है कि खिड़की की लोहे की चौखट उखाड़कर उसके हथियार बनाए गए।

जब तक उस वार्ड तक सुरक्षाकर्मी पहुंचते तब तक दीपक को लहूलुहान कर दिया गया था। आनन-फानन में दीपक को नजदीक के डीडीयू अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जेल प्रशासन ने शुरुआत में शव को डीडीयू अस्पताल के पोस्टमार्टम घर में रखवा दिया इसके बाद मंगलवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाया गया।

जिंदा रहता फिर भी नहीं देख पाता कैदी, दोनों आंखें फूट गई थीं

मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान पता लगा कि दीपक के साथ बहुत बुरी तरह से मारपीट की गई थी। उसकी दोनों आंखों के ऊपरी और निचले हिस्से पर गंभीर चोटें थीं।

दोनों आंखें पूरी तरह से अंदर धंसी हुई थी। सूत्रों का कहना है कि यदि वह जिंदा रहता तब भी वह देख नहीं पाता, क्योंकि उसकी दोनों आंखें करीब-करीब फूट गई थीं।

जेल प्रशासन की ओर से घटना की सूचना हरि नगर थाने को दी गई। सोमवार देर रात ही क्राइम टीम और स्थानीय पुलिस की टीम तिहाड़ जेल पहुंच गई।
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चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया

चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। चारों से पूछताछ की गई, जिसमें कैदियों के बीच आपसी वर्चस्व और पैसे की लेनदेन की बात सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक दीपक दिल्ली के विकासपुरी इलाके का रहने वाला था और 2008 से  चोरी, डकैती व कुछ अन्य आरोपों में तिहाड़ में बंद था।

हालांकि पुलिस अभी दीपक समेत चार आरोपी कैदियों के पुराने इतिहास को भी खंगाल रही है और जेल में उनके आचरण की जानकारी जुटा रही है।
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