जिला अस्पताल में मरीज को चढ़ाने के लिए मंगाया गया ब्लड 24 घंटे तक डॉक्टर के इंतजार में रखा रहा। जबकि डॉक्टरों ने मरीज का हीमोग्लोबिन बहुत कम बताते हुए परिजनों को तुरंत बाहर से ब्लड लाने के लिए कहा था।
जब तक वे ब्लड लेकर पहुंचे डॉक्टर की ड्यूटी खत्म हो चुकी थी। अगले दिन डॉक्टर के आने पर मरीज को ब्लड चढ़ाया गया। इस मामले में सीएमएस डॉ अजेय अग्रवाल का कहना है कि अस्पताल में 24 घंटे ब्लड चढ़ाने की सुविधा है।
अगर कोई डॉक्टर ड्यूटी खत्म होने पर चला गया है तो ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर की जिम्मेदारी है कि वो ब्लड चढ़ाए। इस मामले की जांच की जाएगी।
पीड़ित शिव कुमार ने बताया कि उसे बहुत कमजोरी महसूस हो रही थी। वह खड़ा तक नहीं हो पा रहा था। उसे परिवार वाले जिला अस्पताल लेकर आए थे।