पटेल चौक, मोती नगर, राजौरी गार्डन और अन्य क्षेत्रों में ब्लैकआउट का सख्ती से पालन हुआ। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को घरों में रहने और बिजली का उपयोग न करने की सलाह दी थी।
राजधानी में बुधवार रात 8 से 8:15 बजे तक ब्लैकआउट किया गया। नई दिल्ली क्षेत्र में पूरी तरह बिजली बंद रही, जबकि पश्चिमी दिल्ली के पटेल चौक और मोती नगर जैसे इलाकों में भी ब्लैकआउट का पालन हुआ। हालांकि, राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास को ब्लैकआउट से बाहर रखा गया। यह कदम भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और संभावित जवाबी कार्रवाई के खतरे को देखते हुए उठाया गया।
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पटेल चौक, मोती नगर, राजौरी गार्डन और अन्य क्षेत्रों में ब्लैकआउट का सख्ती से पालन हुआ। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को घरों में रहने और बिजली का उपयोग न करने की सलाह दी थी। पूर्वी दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर क्षेत्र को छोड़कर, मयूर विहार, विनोद नगर, लक्ष्मी नगर और अन्य इलाकों में बिजली व्यवस्था बहाल रही। कुछ क्षेत्रों में आंशिक ब्लैकआउट लागू हुआ, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति रही। दक्षिणी दिल्ली के कुछ हिस्सों हौज खास और वसंत विहार में भी आंशिक ब्लैकआउट देखा गया, जबकि उत्तरी दिल्ली में ज्यादातर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य रही।
दिल्ली सरकार और स्थानीय प्रशासन ने ब्लैकआउट से पहले नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां करने की सलाह दी थी। दिल्ली पुलिस और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स ने प्रमुख क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी थी। वहीं, गृह मंत्रालय ने दिल्ली में हाई अलर्ट जारी किया है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। इस दौरान सड़कों पर वाहन दौड़ते रहे।