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काला मोतिया जागरूकता सप्ताह: एलर्जी की वजह से लोगों को हो रहा ग्लूकोमा 

Tue, 12 Mar 2019 04:25 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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काला मोतिया (ग्लूकोमा) जागरूकता सप्ताह के तहत दिल्ली के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। एम्स, सफदरजंग और आरएमएल अस्पताल में सोमवार को मरीजों को बीमारी के बारे में जानकारी दी गई। वहीं, लाजपत नगर स्थित आई-7 क्लीनिक के निदेशक डॉ. संजय चौधरी ने ग्लूकोमा पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि एलर्जी और थायराइड के कारण भी लोगों में ग्लूकोमा रोग देखने को मिल रहा है। 

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उन्होंने बताया कि ग्लूकोमा यानी काला मोतिया भारत में अंधेपन का एक प्रमुख कारण है। समय रहते ध्यान दिया जाए तो अंधेपन का शिकार होने से बचा जा सकता है। इसमें सिर दर्द से परेशान व्यक्ति को रोशनी में रंगीन छल्ला दिखाई देना, सुबह या शाम में धुंधला दिखाई पड़ना आम बात है। ग्लूकोमा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सोमवार को इंडियन ओप्थलमोलॉजिकल सोसायटी के सहयोग से दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी स्थित समुदाय भवन में जागरूकता शिविर लगाया गया। डॉ. चौधरी ने बताया कि नेत्रदान महादान है, इसके लिए युवाओं में तेजी से दिलचस्पी बढ़ रही है। 

उधर, आरएमएल अस्पताल में डॉ. राहुल शर्मा ने कहा कि आजकल युवा खासतौर पर दिल्ली में जिम का क्रेज बढ़ने से स्टेरॉयड का सेवन भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी में आंखों की रोशनी जाने का खतरा रहता है। सही समय पर इलाज शुरू नहीं किया गया तो दोबारा रोशनी नहीं आती है। इस बीमारी में आंख में दबाव बढ़ने से ऑप्टिक नर्व क्षतिग्रस्त हो जाती है। ऑप्टिक नर्व आंख को दिमाग से जोड़ती है, जिससे हम देख पाते हैं। 

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