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भाकियू ने तीन घंटे किया एनएच-58 जाम

Sun, 16 Nov 2014 01:18 AM IST
अमर उजाला, मोदीनगर
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गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी और मोदी शुगर मिल पर बकाया 130 करोड़ रुपये के भुगतान की मांग को लेकर भाकियू ने मोदी शुगर मिल के सामने शनिवार दोपहर हाईवे तीन घंटे तक जाम रखा।
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इस कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्री परेशान रहे। जाम की वजह से पुलिस ने मुरादनगर में रावली रोड और मोदीनगर में राज चौराहे से ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया था।

इससे पूर्व भाकियू कार्यकर्ताओं ने हापुड़ रोड रेलवे फाटक के पास दिल्ली-मेरठ रेलवे ट्रैक और राज चौराहे पर भी जमकर हंगामा काटा। यूनियन ने गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित नहीं करने पर मिलों को गन्ना नहीं देने की चेतावनी है।
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भाकियू नेता हरेंद्र नेहरा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता शनिवार दोपहर करीब 11 बजे हापुड़ रोड रेलवे फाटक पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने गाजियाबाद की ओर से एक खाली इंजन को रोकने का प्रयास किया।

मगर पुलिस कर्मियों के समझाने पर वे मान गए और वहां से सीधेे राज चौराहे पहुंचे और हाईवे पर जाम लगाने की कोशिश।

मगर यहां पर तैनात भारी संख्या में पुलिस बल को देख भाकियू कार्यकर्ता पीछे हट गए और मुख्यमंत्री अखिलेश के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मोदी शुगर मिल के सामने हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी करके जाम लगा दिया।

इस दौरान एसडीएम करुणेश व सीओ जगतराम जोशी मूक दर्शक बने रहे। जाम के कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई और यात्री परेशान रहे। दोपहर 2 बजे एसडीएम के समझाने पर कार्यकर्ताओं ने जाम खोल दिया।

इसी दौरान भाकियू नेताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने सभी मांगों से जिलाधिकारी को अवगत कराकर उन्हें पूरा कराने का आश्वासन भाकियू नेताओं को दिया।

रावली रोड व राज चौराहे से ट्रैफिक किया डायवर्ट
पुलिस ने मिल गेट के सामने हाईवे पर जाम लगते ही मेरठ की ओर से आ रहे ट्रैफिक को राज चौराहे से हापुड़ की तरफ और गाजियाबाद की ओर से आ रहे वाहनों को मुरादनगर रावली रोड से गंगनहर की ओर डायवर्ट कर दिया था। इस कारण गाजियाबाद और मेरठ जाने वाले वाहन चालकों को लंबा मार्ग तय करना पड़ा।

450 से कम रेट मंजूर नहीं
जाम स्थल पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाकियू जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2012-13 में घोषित गन्ना मूल्य (280-290 प्रति क्विंटल) से भी 40 रुपये कम इस वर्ष दिए हैं।

यह किसानों के साथ अन्याय है। वहीं, भाकियू के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हरेंद्र नेहरा ने कहा कि मोदी शुगर मिल पर गत पेराई सत्र का 130 करोड़ रुपया बकाया है। इससे किसानों के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने 450 रुपये प्रति क्विंटल से कम गन्ना मूल्य निर्धारण नहीं किया तो किसान मोदी शुगर मिल में गन्ना नहीं डालेंगे।
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ये हैं प्रमुख मांग
- गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करें
- गन्ना अधिनियम के अनुसार गन्ना डालने के 14 दिन में मिलें भुगतान करें
- पर्चियों पर अंकित भाव के अनुसार किसानों को तत्काल भुगतान किया जाए
- पेराई सत्र 2013-14 के बकाया 130 करोड़ का भुगतान मिल चालू होने से पहले किया जाए
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