पूर्व विदेश मंत्री के अंतिम दर्शन के लिए बुधवार को दिल्ली के अलावा हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक से कार्यकर्ता भाजपा मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने सुषमा स्वराज के साथ की अपनी यादों को भी साझा किया।
रोहतक से आए कपिल मिश्रा दीदी के फोटो के साथ मुख्यालय के एक कोने में खड़े थे। उनसे सुषमा स्वराज के बारे में पूछा तो वे रो पड़े। उनके होंठ कांप रहे थे और आंखें लाल थीं। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से पार्टी से जुड़े हैं।
जब भी सुषमा स्वराज का उन जैसे कार्यकर्ताओं के साथ मिलना होता था, वे हमेशा पार्टी के प्रति समर्पण भाव की सीख देती थीं। उन जैसी महिला नेता अब तक देश में नहीं हुई है। पंजाब के अमृतसर से आए करतार सिंह ने कहा कि टीवी पर दीदी के निधन की खबर देखते ही वे तत्काल रवाना हो गए थे।
मैनपुरी से आए विकास यादव का भी यही कहना था। वे बताते हैं कि सुषमा स्वराज से प्रेरित होने के चलते ही वे राजनीति में आए थे। मुख्यालय में मौजूद महिमा सिंह ने बताया कि वे जयपुर से रात में ही चल दी थीं और सुबह ही मुख्यालय पहुंचीं। वे सुषमा स्वराज से पहली बार एक सभा में मिली थीं।
लाखों लोगों के बीच जब उन्होंने सुषमा को आवाज लगाई तो वे रुकीं। इसके बाद उन्होंने उनके कंधे पर हाथ रखते हुए हालचाल पूछा। इसके बाद वे दो से तीन बार दिल्ली आकर भी उनसे मिल चुकी हैं। महिमा का कहना था कि सुषमा स्वराज जैसा जमीनी नेता उन्होंने कभी नहीं देखा और शायद ही कभी देखने को मिले।