दिल्ली प्रदेश भाजपा ने तीनों नगर निगम के चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद उन्हें दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र से मुक्त कराने की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा एक बार फिर नगर निगम को केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कराने में लग गई है।
भाजपा नेताओं का मानना है कि दिल्ली सरकार के अधीन आने के बाद नगर निगम की स्थिति खराब हुई है। इसका सीधा प्रभाव नगर निगम के कामकाज और उसकी कार्यशैली पर पड़ा है। इसके अलावा दिल्ली सरकार से नगर निगम को मिलने राजस्व के नियमों में भी भाजपा परिवर्तन कराएगी।
दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि तीनों नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने और उसके कामकाज में सुधार लाने के लिए उनका दिल्ली सरकार से मुक्त होना बहुत जरूरी है। क्योंकि दिल्ली सरकार उन्हें न तो राजस्व दे रही है और न ही उन्हें कार्य करने दे रही है।
इस कारण उन्होंने एकीकृत नगर निगम की भांति तीनों नगर निगम को केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कराने की तैयारी आरंभ कर दी है। वह जल्दी ही केंद्रीय गृहमंत्री से मुलाकात करके वस्तुस्थिति से अवगत कराकर तीनों नगर निगम को मंत्रालय के अधीन लेने का आग्रह करेंगे।