दिल्ली प्रदेश भाजपा के नेताओं ने नगर निगम को दिल्ली सरकार के समकक्ष एवं दिल्ली में सत्ता का दूसरा केंद्र बनाने की कवायद तेज कर दी है। इस कड़ी में वह तीनों नगर निगम का एकीकरण करने की मांग कर रहे हैं।
इस मामले की अगुवाई पूर्वी दिल्ली के सांसद महेश गिरी कर रहे हैं। उन्होंने यह मामला संसद में उठाने के बाद प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। इसके अलावा उन्होंने पार्टी विधायकों से दिल्ली विधानसभा के अगले सत्र में तीनों नगर निगम का एकीकरण करने का मुद्दा उठाने का आग्रह किया है।
महेश गिरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बाद भाजपा विधायकों को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि तीनों नगर निगम का विलय करने के साथ-साथ उसे अधिकारों के मामले में भी ताकतवर बनाने की जरूरत है।
इसके अलावा उन्होंने तीनों नगर निगम की बदहाल व्यवस्था और खराब माली हालत का हवाला देकर उन्हें राजस्व के मामले में आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी होने के कारण यहां इन्फ्रास्ट्रक्चर और साफ-सफाई की दरकार ज्यादा है।
मगर नगर निगम के कमजोर होने के कारण जमीन पर हालत खराब है। दरअसल दिल्ली सरकार जानबूझकर नगर निगम के कामकाज में अड़ंगा लगाती है। इसके पीछे नगर निगम को राजनीतिक कारणों से कमजोर करने की मंशा रहती है। यह कार्य कई सालों से चल रहा है।
दरअसल तीनों नगर निगम के चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल करने के बावजूद भाजपा असहाय सी महसूस कर रही है, क्योंकि केंद्र में उसकी सरकार होने के बावजूद नगर निगम के माध्यम से दिल्ली में कोई भी कार्य कराने की स्थिति में नहीं है।
इसके अलावा वह तीन माह बीत जाने के बावजूद तीनों नगर निगम क्षेत्रीय समिति और स्थायी समिति का गठन नहीं कर सकी है। जबकि चुनाव के दौरान भाजपा ने जोरशोर से वादा किया था कि दिल्ली सरकार से फंड नहीं मिलने की स्थिति में वह सीधे केंद्र सरकार से फंड ले आएंगे।