कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने हुसैन को आईपीसी की धारा 302 हत्या समेत कई धाराओं में दोषी ठहराया। उसे सरकारी आदेश की अवहेलना, लोगों के बीच धर्म के नाम पर शत्रुता फैलाने, दंगा और बलवा करने, घातक हथियार रखने, सामूहिक अपराध, किसी को गुप्त रूप से कैद करने के आरोपों में दोषी पाया गया। हालांकि, कोर्ट ने आपराधिक साजिश रचने और बतौर लोकसेवक अपराध करने के आरोपों से उसे बरी कर दिया।
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, 'ताहिर हुसैन अंकित शर्मा की हत्या में शामिल है, न्यायालय ने ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया है। ताहिर हुसैन उसके साथियों द्वारा एक भयानक साजिश रची गई थी। ताहिर हुसैन इस साजिश में सिर्फ एक एक्टर है, इसके डायरेक्टर तो कोई और हैं, मास्टरमाइंड कोई और लोग हैं। ताहिर हुसैन के हाथों में खंजर दिया गया। इस मामले में और लोग भी शामिल हैं, जो बचे हुए हैं। दंगों के पीछे काम करने वाले लोगों की भूमिका भी सामने आएगी और कानून उनके खिलाफ भी कार्रवाई करेगा।'
कपिल मिश्ना ने दावा किया, 'ताहिर हुसैन तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और संजय सिंह का समर्थन मिला था। संजय सिंह ने मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन को बार-बार बेगुनाह बताकर और सार्वजनिक रूप से यह कहकर कि वे उसके संपर्क में थे, बहुत बड़ा पाप किया है। क्या हत्या करते समय ताहिर हुसैन उनके संपर्क में था। पीड़ित अंकित शर्मा की हत्या के खिलाफ तत्कालीन मुख्यमंत्री ने एक शब्द भी नहीं कहा, और न ही उनके किसी मंत्री ने प्रभावित हिंदू परिवारों से मुलाकात की। जब लोगों के घर और दुकानें जल रही थीं और बीमार लोगों को अस्पताल जाने से रोका जा रहा था, तब इस सरकार ने दंगों और साजिश को रोकने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए? इन नेताओं के हाथ अंकित शर्मा जैसे बेगुनाह हिंदुओं के खून से सने हैं।दिल्ली सरकार ने केवल खास मुस्लिम इलाकों में ही राहत कैंप लगाए, जिससे हिंदू पीड़ितों के लिए उन तक पहुँचना नामुमकिन हो गया और सरकारी अस्पतालों में भी धार्मिक पहचान के आधार पर इलाज किया गया।'
'आज भी अरविंद केजरीवाल ताहिर हुसैन को संरक्षण दे रहे हैं'
भाजपा सांसद गौरव भाटिया ने दिल्ली दंगों के मामले में ताहिर हुसैन को दोषी करार दिए जाने पर कहा, 'आज भी अरविंद केजरीवाल ताहिर हुसैन को संरक्षण दे रहे हैं। जब हम इस मुद्दे पर बात कर रहे हैं तो आप विधायक अमानतुल्लाह खान कहते हैं कि ताहिर हुसैन का धर्म देखा गया इसलिए सजा हुई। आज यह बात जरूर उठानी चाहिए कि दिल्ली में दंगे हुए थे क्योंकि संसद में सीएए पारित हुआ था। राहुल गांधी, सोनिया गांधी द्वारा एक माहौल बनाया गया कि इससे मुसलमानों की नागरिकता चली जाएगी। आज मैं उनसे पूछूंगा कि भारत के कितने मुसलमानों की नागरिकता गई?'
गौरव भाटिया ने कहा, 'ताहिर हुसैन ने भड़काऊं बयान दिए थे और इस पूरी घटना (2020 के दिल्ली दंगे) को अंजाम दिया था। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री थे और उनके पार्षद ताहिर हुसैन ने दंगा करवाया था। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह पूछा जाएगा कि अरविंद केजरीवाल ने ऐसा क्यों किया?'