मॉडल टाउन विधानसभा क्षेत्र के एक होटल में बिहार सरकार के मंत्री दो दिनों से डेरा जमाए हैं। वह लगातार नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं को समझा रहे हैं। नाराज कार्यकर्ता अपने राज्य के मंत्री से शिकवा शिकायत करके नाराजगी भी दूर कर रहे हैं। ऐसा हाल सिर्फ यहां का नहीं, बल्कि दिल्ली के कई उन विधानसभा क्षेत्रों का है जहां पर अधिसंख्य वोटर दूसरे प्रदेशों के हैं। कहीं उन राज्यों का कोई मंत्री मनाने पहुंच रहा है तो कहीं वोटों को संगठित करके अलग-अलग क्षेत्रों के प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। भाजपा ने उन सभी राज्यों से अपने कद्दावर नेताओं को दिल्ली के दंगल में उतार दिया है, ताकि माहौल बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री से लेकर कैबिनेट मंत्री और सांसद मैदान में
भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, 50 से ज्यादा मंत्री और 200 से ज्यादा सांसदों की फौज दिल्ली के चुनावी मैदान में उतर ही चुकी है। भाजपा ने योजनाबद्ध तरीके से अपने उन नेताओं को दिल्ली के दंगल में उतारा है जो अपने-अपने क्षेत्रों की जनता के बीच लोकप्रिय हैं। ये नेता दिल्ली की गलियों में नुक्कड़ सभाओं से लेकर रोड शो तक कर रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तो एक सप्ताह से कमान संभाले हुए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी लगातार प्रचार कर रहे हैं।
मंगलवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी प्रचार अभियान में कूद गए। विश्वासनगर, त्रिलोकपुरी, कल्याणपुरी समेत कई विधानसभाओं में प्रचार किया। इसी तरह हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शकूर बस्ती, त्रिनगर में तीन सभा की। बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी आदर्श नगर में सभा को संबोधित किया। देर शाम महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रचार का कमान संभाल लिया। फडणवीस ने देवली गांव, कालकाजी व बदरपुर में नुक्कड़ सभा कर भाजपा प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने तिलक नगर, नांगलोई विधानसभा में नुक्कड़ सभा में शिरकत की।
मंगलवार को ही अमित शाह के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भी चुनावी प्रचार की कमान संभाली। रूपाणी ने उत्तमनगर, द्वारका में प्रचार किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने हरी नगर, तिलकनगर व शालीमार बाग में जनसभा कर भाजपा के पक्ष में वोट करने की अपील की।