भाजपा प्रशिक्षण शिविर के आयोजक कहते रहे कि इस कार्यक्रम से आरएसएस का कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन रविवार को पार्टी के नए सांसदों को आरएसएस नेता सुरेश सोनी ने भी ट्रेनिंग दी।
यहां बता दें कि मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापम भर्ती घोटाले में सोनी का नाम उछला है। सूत्रों का कहना है कि सोनी ने सांसदों से कहा है कि वे आरएसएस से जुड़े सभी संगठनों को तवज्जो दें।
क्योंकि उससे बहुत बड़ा वर्ग जुड़ा हुआ है। बताया गया है कि एक तरह से उनकी ट्रेनिंग के बाद आरएसएस के एजेंडे को भी सांसद आगे बढ़ाएंगे।
दो दिन में सांसदों को मिली ‘कड़वी दवा’
देश को संकट से उबारने के लिए कड़वी दवा देने की हिमायती भारतीय जनता पार्टी ने अपने सांसदों को भी दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान ऐसी ही दवा चखाई।
यह मोदी का ही प्रभाव है कि सांसदों ने ‘कड़वी दवा’ पीने के बाद भी कहा कि बहुत अच्छा लगा।
मोदी से लेकर सुषमा, जेटली, राम नाइक, प्रकाश जावड़ेकर और आडवाणी तक अपने नए सांसदों को नियमों में बांधते रहे। नसीहत देते रहे।
फेसबुक पर हो जाएं एक्टिव
स्टाफ की नियुक्ति में सावधानी बरतने, मीडिया से बातचीत में सावधानी, भाई-भतीजावाद से दूरी, स्टिंग ऑपरेशनों से बचने के तरीके, मर्यादा, अनुशासन, सोशल मीडिया के प्रयोग, विवाद से बचने और काम करने का रोडमैप आदि मुद्दों पर वरिष्ठ नेताओं ने नए सांसदों को अपने विचारों में बांधने का प्रयास किया।
एक वरिष्ठ नेता ने तो यहां तक कहा कि ड्राइवरों के पास दो-दो फेसबुक अकाउंट हैं और सांसदों के पास एक भी नहीं। इसलिए अब हर किसी को इसका प्रयोग हर हाल में करना ही होगा।