लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन की बातचीत पर बेशक भाजपा खुद को बेफ्रिक बता रही हो, लेकिन सच ये भी है कि अब गठबंधन की तस्वीर साफ नहीं होने से भाजपा ऊहापोह अपने प्रत्याशियों को लेकर अंतिम नतीजे तक नहीं पहुंच पा रही है। यही वजह है कि पार्टी हाईकमान ने दिल्ली में सातों लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों का चुनाव करते हुए दो सूची तैयार की है।
पार्टी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पहली सूची में कुछ पुराने यानी वर्तमान सांसदों के नाम हैं। जबकि दूसरी सूची में नए चेहरों को शामिल किया है। कहा ये भी जा रहा है कि गठबंधन नहीं हुआ तो पहली सूची में शामिल उम्मीदवारों को चुनावी रण में उतारा जाएगा। जबकि गठबंधन होने पर पार्टी दूसरी सूची का इस्तेमाल करेगी। इस सूची में सबसे महत्वपूर्ण सीटें पूर्वी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी और उत्तर-पश्चिम बताई जा रही हैं।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि दिल्ली में 23 अप्रैल तक नामांकन प्रक्रिया चलेगी। इसलिए पार्टी हाईकमान फिलहाल सेफ मोड में है। उम्मीद ये भी है कि 22 अप्रैल को सूची जारी होने के साथ ही अगले दिन सभी उम्मीदवारों को एकसाथ नामांकन करने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।
ऐसा होने से बड़ा फायदा ये होगा कि दिल्ली में एकसाथ सभी उम्मीदवारों को शक्ति प्रदर्शन का अवसर भी मिल सकेगा। वहीं चयन समिति से भी जुड़े कुछ सूत्रों का यहां तक दावा है कि पार्टी हाईकमान की ओर से दोनों सूची के उम्मीदवारों को अपनी-अपनी तैयारी पूरी करने के लिए कहा जा चुका है।
प्रदेश कार्यालय पर बढ़ी भीड़, अटकलों का दौर
उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह और इंतजार भाजपा के प्रदेश कार्यालय में देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिन से पार्टी कार्यालय पर नेताओं के आवागमन में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मंगलवार को भी दिन भर यहां गाड़ियों के काफिले नजर आ रहे थे। वहीं इस बीच उम्मीदवारों की सूची आने को लेकर अटकलों का दौर भी जारी है।