दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी दलों ने तैयारी तेज कर दी है। वोटरों को अपने पाले में करने के लिए सभी दल रणनीति बनाने लगे हैं। सत्तासीन आम आदमी पार्टी दिल्ली से जुड़े मसलों पर चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति पर काम कर रही है।
आप को अंदेशा है कि मामला राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर जाने से मुश्किलें आ सकती हैं। ऐसे में आप के रणनीतिकारों ने अपनी सोशल मीडिया टीम से लेकर हर नेता व कार्यकर्ता को स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने को कहा है। उधर, भाजपा राष्ट्रीय मसलों को केंद्र में रखकर दिल्ली चुनाव का खाका तैयार कर रही है।
भाजपा बीते एक पखवाड़े से दिल्ली सरकार के कामों से अलग कोई भी सियासी बयान आने पर उसे हवा दे रही है। एनआरसी व पूर्वांचल के मसले को आप इसका माकूल उदाहरण मान रही है।
राजनीति के नजरिए से बेहद संवेदनशील इन मसलों पर आप को रक्षात्मक होना पड़ा है। आप रणनीतिकारों को अंदेशा है कि चुनाव नजदीक आने पर भाजपा धारा-370, एनआरसी, भारत-पाक तनाव समेत अन्य भावनात्मक मुद्दों के सहारे अपने चुनावी अभियान को आगे बढ़ाएगी।
जबकि आप खुद को अपने लिए इसे घाटे का सौदा मान रही है। आप की रणनीति है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव को शहर से जुड़े बेहद बुनियादी मसलों पर रखा जाए। केजरीवाल सरकार के कामों के सहारे दिल्लीवालों को अपने हक में करने की कोशिश की जाए।