अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पूर्व चीफ विजिलेंस ऑफिसर (सीवीओ) को उनके पद से हटाने के मामले में अब भाजपा के अंदर ही आवाज उठनी शुरू हो गई है। भाजपा सांसद उदित राज ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर संजीव चतुर्वेदी को दोबारा बहाल करने का आग्रह किया है।
उत्तर-पश्चिम दिल्ली से भाजपा के सांसद उदित राज ने डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखे पत्र में कहा है कि संजीव चतुर्वेदी को सीवीओ, विजिलेंस मैन्युअल के अनुसार ही बनाया गया था।
इसमें स्पष्ट है कि डिप्टी सेक्रेटरी रैंक का अधिकारी सीवीओ बन सकता है। पत्र में स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी, एम्स गवर्निंग बॉडी और इंस्टीट्यूट बॉडी के फैसले का भी जिक्र किया गया है। कहा गया है कि आईबी और जीबी की बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री ने की थी और इसमें सदस्य वर्तमान केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज भी थीं।
सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद संजीव चतुर्वेदी को सीवीओ बनाया गया था। सीवीओ ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के कई मामलों का खुलासा किया और कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की।
हरियाणा में तैनाती के दौरान वन विभाग के कई भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा किया। लिहाजा ऐसे अधिकारियों की तैनाती भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए जरूरी है।
अनुबंध कर्मचारियों ने की फैसले की निंदा
नई दिल्ली। इंडियन फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन (आईएफटीयू) और अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों ने एम्स के सीवीओ संजीव चतुर्वेदी को उनके पद से हटाने के फैसले की आलोचना की है। ट्रेड यूनियन ने मांग की है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ काम कर रहे अधिकारी संजीव को दोबारा सीवीओ के पद पर तैनात किया जाए।
इंडियन फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन के दिल्ली कमेटी के प्रेसीडेंट डॉ. अनिमेश दास ने अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों और यूनियन की ओर से मांग की है कि सीवीओ को फौरन बहाल किया जाए। यह भी कहा है कि इस पूरी घटना के लिए स्वास्थ्य मंत्री को माफी मांगनी चाहिए।