महाराष्ट्र एवं हरियाणा में सरकार बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है। ऐसे में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने राज खोलते हुए कहा कि राज्यसभा में मोदी सरकार के फैसलों को अमल में लाने वाला रास्ता हरियाणा और महाराष्ट्र के रास्ते से होकर गुजरेगा। वहीं, कांग्रेस को जवाब देते हुए उन्होंने विदेश यात्रा और महंगाई दर में आई कमी का हवाला भी दिया।
वेंकैया नायडू ने स्पष्ट कहा कि राज्यसभा में भाजपा अल्पमत में है। ऐसे में लोकसभा में लिया गया गया निर्णय राज्यसभा में जाते ही गिरा दिया जाएगा या फिर सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया जाएगा। बार-बार ऐसा होने से देश की जनता के बीच नरेंद्र मोदी की सरकार को लेकर संदेश अच्छा नहीं जाएगा और लंबे समय तक दिल्ली में सरकार चलाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाएगी।
वेंकैया नायडू ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस नरेंद्र मोदी सरकार के निर्णय लेने में रोड़ा अटका रही है। इसके चलते बीमा में विदेशी निवेश का बिल सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कई प्रगतिशील कानून लाना चाहते हैं। राज्यसभा में बहुमत नहीं होने से यह सिरे नहीं चढ़ पाएगी। उन्होंने संकेत दिए कि महाराष्ट्र और हरियाणा में जनसभाओं के दौरान यह बातें समझाने की निरंतर कोशिश की जाए रही है।
दोनों प्रदेशों में नरेंद्र मोदी के अलावा तमाम शीर्ष नेताओं को चुनाव प्रचार में उतारा गया है। यही नहीं अन्य प्रांतों के भी बीजेपी नेता मैदान में उतारे गए हैं। साथ ही हरियाणा एवं महाराष्ट्र की जनसभाओं में कांग्रेस के बड़े नेता नरेंद्र मोदी के कामकाज पर सवाल उठाते हैं, तो उसी दिन उसका जवाब भी उन्हें दे दिया जाए।
बृहस्पतिवार को फिरोजपुर झिरका में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जनसभा के दौरान नरेंद्र मोदी के अमेरिका, चीन यात्रा, चीनी घुसपैठ, पाकिस्तानी हमले और दवाईयों की कीमत बढ़ने की जमकर आलोचना की थी।
इसके जवाब में वेंकैया नायडू ने गुड़गांव की एक जनसभा में राहुल के बयान का जवाब देते हुए कहा कि 60 साल तक देश को लूटने वाले उनसे चार महीने का हिसाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कर में देश में भ्रष्टाचार, नेतृत्व क्षरण, प्रशासन हीना, ड्रेड, रेवेन्यू, ट्रस्ट में भारी गिरावट आ गई थी। जबकि नरेंद्र मोदी की सरकार में जीडीपी में उछाल आया है और महंगाई दर घटी है।