अलका लांबा पर हुए पथराव के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज पर राजनीति तेज हो चली है। बीजेपी नेता सीसीटीवी फुटेज का हवाला देकर आम आदमी पार्टी और अलका लांबा पर जमकर हमले बोल रहे हैं।
विश्वासनगर से बीजेपी विधायक ओम प्रकाश शर्मा के विवादित बयान से आप विधायक अलका लांबा पर हुए हमले का मामला बढ़ता नजर आ रहा है।
शर्मा ने कहा है कि हम नारी शक्ति का बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन बड़े दुख की बात है कि एक विधायक ड्रग लेने के बाद गुंडों के साथ हमला करती है।
भाजपा विधायक ने आगे कहा, 'मैं केजरीवाल के गुडों और उनकी गुंडी विधायक को कहना चाहती हूं कि जो भी यहां आएंगे, स्ट्रेचर पर जाएंगे'। दिल्ली बीजेपी के कुछ वरिष्ठ नेता इस मामले को लेकर केजरीवाल की शिकायत के लिए राष्ट्रपति से भी मिलने पहुंचे।
अलका के खिलाफ केस दर्ज
इतना ही नहीं दिल्ली बीजेपी ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस मामले को लेकर केजरीवाल और उनकी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। भाजपा के मुताबिक दिल्ली में अराजकता का माहौल है और केजरीवाल हफ्ता वसूली कर रहे हैं।
भाजपा विधायक ने केजरीवाल को चेतावनी दी कि अगर दिल्ली में ऐसा ही माहौल रहा तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि अलका नशे में थी और तोड़-फोड़ के इरादे से पूरी प्लानिंग के साथ आयी थी।
व्यापारियों ने आप विधायक अलका लांबा के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई है। अलका पर तोड़-फोड़ करने का आरोप लगाया गया है। आप विधायक के खिलाफ धारा 451, 427, 186 और 353 के तहत केस दर्ज किया गया है।
वहीं भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा है कि सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट है कि गलती किसकी थी। ऐसे में आप विधायक अलका लांबा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
'केजरीवाल के डीएनए की जांच होनी चाहिए'
मनोज तिवारी के मुताबिक केजरीवाल जी अपनी गलती को छिपाने के लिए कुछ भी बयान देते हैं। लेकिन सच्चाई सामने आ चुकी है।
अलका लांबा पर न कोई पथराव हुआ और न ही कोई हमला हुआ है। अब इस घटना में किसी सबूत या साक्ष्य की जरूरत नहीं है।
लेकिन इन सबके बावजूद केजरीवाल कुछ भी बातें कर रहे हैं।
ऐसे में उनके डीएनए की जांच होनी चाहिए। गौरतलब है आप विधायक पर हमले के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अलका लांबा पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।