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गोशाला की अव्यवस्था देख 17 घंटे धरने पर बैठे भाजपा विधायक, तीन पर एफआईआर

Sun, 30 Aug 2020 12:40 PM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, बुलंदशहर
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अनूपशहर विधायक संजय शर्मा धरने पर बैठ - फोटो : amar ujala
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क्षेत्र के गांव नगलाकरन की गोशाला में अव्यवस्था देख शुक्रवार रात अनूपशहर विधायक संजय शर्मा धरने पर बैठ गए। करीब 17 घंटे तक विधायक समर्थकों के साथ गोशाला में धरने पर बैठे रहे। मामले में पशु चिकित्साधिकारी, ग्राम प्रधान और एडीओ पंचायत के खिलाफ लापरवाही और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके बाद डीएम और एसएसपी के आश्वासन पर विधायक शनिवार सुबह शांत हुए। मामले को लेकर लखनऊ तक हलचल मची रही।

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शुक्रवार शाम विधायक संजय शर्मा ने डीएम से मिलकर नगलाकरन गोशाला की शिकायत की थी। इसका पता लगने पर ग्राम प्रधान समर्थक भी डीएम कार्यालय पहुंचे। वहां तनातनी होने के बाद विधायक सीधे गोशाला पहुंचे और बाहर डेरा डाल दिया। वहां विधायक समर्थकों की भीड़ जुट गई। शुक्रवार रात करीब 11 बजे इंस्पेक्टर औरंगाबाद सुभाष सिंह और एडीएम प्रशासन रविंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। एडीएम ने काफी कोशिश की, लेकिन विधायक डीएम से वार्ता करने पर अडिग रहे। विधायक पूरी रात समर्थकों के साथ गोशाला के बाहर धरने पर बैठे रहे। सुबह लखावटी ब्लॉक का पूरा अमला मौके पर पहुंच गया। शनिवार सुबह सात बजे डीएम रविंद्र कुमार गोशाला पहुंचे और ग्रामीणों से पूछताछ की। 

इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गोवंशों को हरा चारा नहीं मिल रहा है। जिस कारण गोवंशों की मौत हो रही है। इस दौरान डीएम की विधायक से नोकझोंक भी हो गई। जिसकी वीडियो वायरल हो रही है। डीएम ने ग्राम पंचायत सचिव को जमकर फटकर लगाई। बाद में डीएम चले गए। मामले में लखनऊ तक खलबली मचने के बाद फिर दोपहर में डीएम रविंद्र कुमार, एसएसपी संतोष कुमार सिंह, एडीएम रविन्द्र कुमार, एसडीएम सदर सदानंद गुप्ता और सीवीओ डॉ. लक्ष्मीनारायण गोशाला पहुंचे। 
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डीएम ने विधायक को बताया कि मामले में ग्राम प्रधान विकास राघव, पशु चिकित्सक डॉ. चंद्रजीत सिंह, एडीओ पंचायत श्रीपाल सिंह के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनयम के तहत एफआईआर दर्ज करवाई गई है। विधायक ने कहा कि जिम्मेदार सीवीओ पर निलंबन की कार्रवाई होनी चाहिये। जिसके बाद डीएम ने जांच के लिए एक सप्ताह समय मांगा। डीएम द्वारा कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर विधायक धरने से उठे। 

जेसीबी बुलाने की मांग पर अफसरों के उड़े होश
नगलाकरन गांव की गोशाला में 37 गोवंश कम मिलने पर विधायक बिफर पड़े। जैसे ही विधायक ने गोशाला में जेसीबी मंगाने की बात कही तो अफसरों के होश उड़ गए। जिसके बाद अफसर विधायक को मनाने में लग गए। विधायक ने गोशाला में गोवंशों के विषय में ग्राम प्रधान, पशु चिकित्सक, एडीओ पंचायत से जानकारी मांगी तो तीनों ने ही अलग-अलग जानकारी दी। विधायक ने आशंका जताई कि जो गोवंश कम हैं, उनकी मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि का पिछले 15 दिन के भीतर 13 गोवंशों की मौत हो चुकी है। 

डीएम-एसएसपी ने गोवंशों को खिलाया चारा
नगलाकरन की गोशाला में पहुंचे डीएम रविन्द्र कुमार और एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने गोवंशों को मौके पर हरा चारा खिलाया। डीएम ने बताया कि नेपियर घास का आर्डर दिया गया है। नेपियर घास गोवंशों के लिए काफी पौष्टिक होती है। जिले की गोशालाओं में जल्द ही घास पहुंच जाएगी।

छुट्टा गोवंश के हमले में युवक घायल 
पहासू क्षेत्र के गांव दीघी में शनिवार को एक छुट्टा गोवंश ने युवक पर हमला कर घायल कर दिया। छुट्टा गोवंश से निजात नहीं मिलने पर लोगों में रोष है। वह फसलों को भी चौपट कर रहे हैं। गांव दीघी निवासी युवक मनोज शनिवार सुबह खेतों की ओर जा रहा था। रास्ते में अचानक उस पर छुट्टा गोवंश ने हमला कर दिया। जिससे मनोज घायल हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में हाल ही में गोवंश के हमले से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

चारे की कमी से दम तोड़ रहे गोवंश
जनपद में 154 न्याय पंचायत और 17 निकाय क्षेत्रों में निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल संचालित हैं। अफसरों का दावा है कि यहां पर दस हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इनके संचालन और गोवंश के चारे आदि के लिए शासन से समय-समय पर राशि जारी होती है। बावजूद इसके गोशालाओं में बदहाली है। लोगों का आरोप है कि अधिकतर गोशालाओं में संरक्षित गोवंश सुरक्षित नहीं है। 

गोशालाओं में अव्यवस्थाओं का आलम है। विधानसभा की प्रत्येक गोशालाओं का निरीक्षण किया जाएगा। किसी की भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - संजय शर्मा, विधायक अनूपशहर 

गोशालाओं में गोवंशों के रखरखाव और चारा आदि में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ एक सप्ताह के भीतर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - -रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी  

जिले में 154 गोशालाएं है, जिनमे करीब 12 हजार गोवंश हैं। मैं हर रोज किसी न किसी गोशाला का निरीक्षण करता हूं। जहां से जो भी शिकायत मिलती है, उसका तत्काल निस्तारण कराया जाता है। - डॉ. लक्ष्मीनारायण, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

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