लोकसभा में मिली जीत से उत्साहित भाजपा दिल्ली में अपना जनाधार बढ़ाने की जुगत में लग गई है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी का फोकस अब दलित मतदाताओं पर है।
पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि दलित वर्ग बहुजन समाज पार्टी से अलग हो रहा है। यही मौका है, जब इस वर्ग में पार्टी अपनी पैठ बनाने में कामयाब हो सकती है।
इस रणनीति के तहत ही प्रदेश भाजपा अनूसूचित जाति मोर्चा अपने सभी दलित सांसदों को दिल्ली में सम्मानित करने जा रही है।
बीएसपी से 6% भी छीनने की तैयारी!
भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि कांग्रेस पार्टी का परंपरागत दलित समर्थक वोट नया राजनीतिक विकल्प तलाश रहा है। पिछले वर्षों में यह वर्ग कांग्रेस से छिटक कर बीएसपी से जुड़ा था।
जिसके कारण 2008 के विधानसभा और 2009 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी को 14 प्रतिशत मत मिले। लेकिन पिछले विधानसभा में दलित मतदाता बसपा से भी छिटक कर आम आदमी पार्टी के समर्थन में चले गए।
इसके चलते बीएसपी को 6 प्रतिशत के करीब ही मत मिले। लोकसभा चुनाव में भी बीएसपी को सिर्फ 1.5 प्रतिशत ही मत मिला। अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष कृष्णलाल ढिलौड़ ने बताया कि दलित बाहुल्य क्षेत्रों की पहचान की गई है।
दलितों का किया जाएगा सम्मान
अब दलित बाहुल्य क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने की योजना है। दलितों के बीच भाजपा कार्यकर्ता पहुंचकर यह बताएंगे कि कांग्रेस, बसपा और ‘आप’ ने उन्हें गुमराह किया है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही सभी दलित सांसदों को दिल्ली में मोर्चा की तरफ से सम्मानित किया जाएगा और यह बताने की कोशिश की जाएगी कि केंद्र की मोदी सरकार में सभी का समान विकास होगा।
दलित इस विकास में बराबर के भागीदार होंगे। इस रणनीति के तहत दिल्ली केतीनों मेयर को प्रदेश कार्यालय में सम्मानित किया गया।