दिल्ली सरकार के दीपचंद बंधु अस्पताल की पार्किंग में एक महिला की प्रसूति होने का मामला सियासी रूप ले चुका है। एक ओर दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता इस मामले को लेकर एलजी अनिल बैजल से डॉक्टरों की शिकायत कर चुके हैं। वहीं प्रारंभिक जांच में बताया जा रहा है कि रात में महिला डॉक्टर सो रही थी। काफी देर बाद वह सोकर उठी और उसने मरीज को बाबा भीमराव आंबेडकर अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
शुक्रवार को दिल्ली भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे परिजनों ने भी इसकी पुष्टि की। बताया जा रहा है कि अभी तक दिल्ली सरकार की ओर से अस्पताल प्रबंधन से जवाब तलब नहीं किया गया है। हालांकि अस्पताल के अधिकारियों ने पूछताछ के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार कर ली है। वहीं डॉक्टरों का आरोप है कि सियासी रूप देकर नेता चिकित्सीय पेशे को बदनाम कर रहे हैं।
अस्पताल के सूत्रों का यहां तक कहना है कि पार्किंग में काफी देर तक महिला पड़ी हुई थी। सुरक्षा गार्डों ने उसकी रक्षा की थी। अस्पताल में तैनात महिला सुरक्षा गार्डों ने उसके पति को चादर दी थी। इतना ही नहीं सुरक्षा गार्डों ने डॉक्टर के पास आकर पार्किंग में बच्चे को जन्म देने की जब सूचना दी, तो डॉक्टर के हाथ पैर फूल गए।
आनन-फानन में पार्किंग तक डॉक्टर पहुंचे, लेकिन तब तक पुलिस भी वहां आ चुकी थी। परिजनों का यहां तक आरोप है कि पुलिस फोन करने के काफी देर बाद आई थी। जब महिला को प्रसव पीड़ा ज्यादा हो रही थी तो उसके पति ने पुलिस से मदद मांगने का प्रयास किया था, लेकिन जब तक पुलिस पहुंची, तब तक प्रसव हो चुका था।