नवीन जैन ने आत्महत्या करने से पहले एसएसपी के नाम सुसाइड नोट लिखा। उसमें कहा पिछले 10 महीने से मेरा मानसिक रूप से उत्पीड़न किया जा रहा है। पवन जैन और पंकज जैन दोनों मेरे बड़े भाई हैं। दोनों रसूखदार हैं। पुलिस प्रशासन में उनकी पकड़ है। इसका फायदा उठाकर मुझे मानसिक रूप से तंग किया जा रहा है। मुझे धमकी देते हैं कि अगर हमारे खिलाफ कोई कार्रवाई की तो तेरे इकलौते पुत्र को जान से मरवा देंगे। तंग होकर मैंने आत्महत्या करने का फैसला किया, जिससे मेरे बेटे रचित को किसी प्रकार की हानि न हो सके। मेरे परिवार की सुरक्षा की जाए।
70 लाख रुपये की जमीन को लेकर था विवाद
तीन भाइयों के बीच चल रहा जमीन का विवाद 70 लाख रुपये का था। इसी जमीन के विवाद को निपटाने के लिए नवीन ने मां शारदा के घर पर बैठक बुलाई थी। बैठक में नवीन के अलावा मां शारदा, भाई पंकज, पवन व रिश्तेदारी के कई लोग मौजूद थे। जमीन को लेकर बात कर रहे थे। नवीन की किसी ने बात नहीं मानी। सब लोग अपना पक्ष मजबूती से रख रहे थे।
मृतक के पुत्र रचित ने आरोप लगाया कि सभी ने पिता नवीन की बात मानने से इनकार कर दिया। उन्हें उनका हिस्सा भी नहीं दिया जा रहा था। आरोप लगाया कि दोनों ताऊ 70 लाख रुपये की जमीन को हड़पना चाहते थे। इसलिए उन्होंने आत्महत्या के लिए उकसाया। मृतक के बेटे ने आरोप लगाया है कि पिता ने सबके सामने अपने को गोली मारी, लेकिन किसी ने उन्हें रोका नहीं। वहां मौजूद लोग उनसे तभी पिस्टल छीन लेते तो उनकी मौत नहीं होती है।
घर से निकाल दिया था
नवीन की मौत के बाद परिवार में उनकी पत्नी शुभ्रा जैन और बेटा रचित जैन हैं। शुभ्रा और बेटे का रो-रोकर बुरा हाल था। अब उनके आगे पीछे कोई नहीं है। रचित ने बताया कि उनके पिता के दोनों ताऊ और दादी ने 2003 में घर से निकाल दिया था। वह काफी दिन तक किराए के मकान में रहे। बाद में उन्होंने अशोक नगर में मकान खरीद लिया था।
पिता की हो चुकी हत्या
नवीन के पिता सुरेंद्र कुमार जैन की 2002 में डासना में हत्या हो चुकी है। रचित ने आरोप लगाया कि ताऊ उसके पिता को दादा की हत्या का आरोपी बता रहे थे, तभी से वह बहुत ज्यादा परेशान रहने लगे। इस बात को लेकर 10 दिन से उन्होंने खाना नहीं खाया था। बार-बार ताऊ द्वारा की गई बातों को याद करके डिप्रेशन में थे।