उन्होंने दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय के उस बयान को भी भ्रामक बताया, जिसमें मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि लोकसभा चुनाव का परिणाम सीएम अरविंद केजरीवाल को लेकर नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। भाजपा अब केजरीवाल को दिल्ली की जनता को और अधिक भ्रमित नहीं करने देगी। इनके अलावा चांदनी चौक से विजेता डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि आम आदमी पार्टी के पास भले ही 67 विधानसभा सीटें हो, लेकिन इस वक्त विधानसभा चुनाव करा लिया जाए तो आप पार्टी का सूपड़ा साफ होने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने ये भी कहा कि अब दिल्ली में सरकार बनाना ही पार्टी का सबसे बड़ा लक्ष्य है।
दिल्ली में वर्ष 1993 में मदन लाल खुराना की सरकार आने के बाद से अब तक भाजपा को हर बार विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। वर्ष 1998, 2003 और 2008 में पार्टी का प्रदर्शन औसत रहा। वहीं 2013 में भाजपा का प्रदर्शन कांग्रेस और आप दोनों ही पार्टी से बेहतर रहा। उस दौरान दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से भाजपा को 31, आप को 28 और कांग्रेस 8 सीटें मिली थी। कांग्रेस और आप के गठबंधन की सरकार केवल 49 दिन ही टिक सकी थी। दिल्ली में साल 2015 में फिर विधानसभा चुनाव हुए और परिणाम भाजपा को पहले से ज्यादा बैकफुट पर ले गया। इस चुनाव में आप को 67, जबकि भाजपा को महज तीन सीटों से संतोष करना पड़ा था।