नई दिल्ली में भाजपा पार्षद को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली की नगर निगम पर टिप्पणी नागवार गुजरी है।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में सदन के नेता सुभाष आर्य ने केजरीवाल और लवली को नगर निगम की जांच कराने की चुनौती देते हुए कहा है कि उन्हें किसी भी मामले में गड़बड़ी नहीं मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा पार्षद, भ्रष्टाचार रोकने के लिए अनेक कदम उठा चुके हैं।
सुभाष आर्य ने तीनों नगर निगम में अनुबंध के आधार पर कार्यरत बी और सी श्रेणी के अधिकारियों को नियमित करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीएम केजरीवाल के कम रुपये देकर ज्यादा राशि पर कर्मचारियों के हस्ताक्षर करने के आरोपों में कोई दम नहीं है। वह मुख्यमंत्री हैं जांच करा सकते हैं।
वहीं उन्होंने अरविंदर सिंह लवली से पूछा कि वह मंत्री रहते हुए नगर निगम के संबंध में कभी क्यों नहीं बोले। क्या, उस समय नगर निगम में उन्हें गड़बड़ी नहीं दिखी थी।
सुभाष आर्य ने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि वह नगर निगम में रिक्त पदों पर नियुक्ति करने की पहले करें। अगर वह स्वयं नियुक्ति करने में असक्षम है तो तीनों नगर निगम को भर्ती करने का अधिकार दे दें। उन्होंने बताया कि नगर निगम वर्ष 2007 से रिक्त पदों पर नियुक्ति करने के लिए दिल्ली सरकार और डीएसएसबी से आग्रह कर रही है। मगर उनकी गुहार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से निगम ने अनुबंध के आधार पर नियुक्तियां की हैं।